ePaper

बिहार :शराब छूटी तो रोज होने लगी 400 ‍कमाई, पत्नी बोली, सीएम नीतीश ने शराबबंदी कर परिवार को खुशहाल बना दिया

Updated at : 26 Mar 2018 8:08 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार :शराब छूटी तो रोज होने लगी 400 ‍कमाई, पत्नी बोली, सीएम नीतीश ने शराबबंदी कर परिवार को खुशहाल बना दिया

II रवि प्रकाश II पहले नशे में गाली-गलौज व मारपीट करता था सुनील, आज चला रहा दुकान बिक्रम : नगर बाजार स्थित बस स्टैंड निवासी सुनील कुमार गुप्ता की जिंदगी दारू छूटते ही खुशहाल हो गयी है. सुनील बिक्रम मेन रोड पर एक छोटे-से झोंपड़ीनुमा घर में बीवी-बच्चों के साथ रहा करता था. उसे शराब […]

विज्ञापन
II रवि प्रकाश II
पहले नशे में गाली-गलौज व मारपीट करता था सुनील, आज चला रहा दुकान
बिक्रम : नगर बाजार स्थित बस स्टैंड निवासी सुनील कुमार गुप्ता की जिंदगी दारू छूटते ही खुशहाल हो गयी है. सुनील बिक्रम मेन रोड पर एक छोटे-से झोंपड़ीनुमा घर में बीवी-बच्चों के साथ रहा करता था. उसे शराब की लत लग गयी थी. कुछ काम-धंधा न कर अपने घर के आगे दुकान किराये पर लगा रखी थी.
उस पैसे को वह अपने परिवार के भरण-पोषण पर खर्च करने के बजाय शराब में उड़ा देता था. धीरे-धीरे उस पर कर्ज भी बढ़ने लगा. वह दिन भर शराब के नशे में रहता था, जिसको लेकर परिवार में बराबर गाली-गलौज व मारपीट होते रहती थी. उसकी शराबखोरी से परिवार के अन्य सदस्य परेशान रहते थे. शाम को अक्सर नशे में घर के पास बीच सड़क पर हंगामा खड़ा कर देता था, जिसके कारण पड़ोसियों व राहगीरों को भी परेशानी हो जाती थी.
धीरे-धीरे स्थिति यह हो गयी थी कि आसपास के लोग उसे देख कर नजरें चुराने लगे थे. रिश्तेदार भी उसे शादी-विवाह या अन्य कार्यक्रमों में बुलाना भी आफत समझते थे. उन्हें डर रहता था कि कहीं वह बखेड़ा न खड़ा कर दे.
शराबबंदी ने लाया जीवन में परिवर्तन
लेकिन समय का पहिया घूमा. बिहार सरकार ने एक अप्रैल, 2016 को शराबबंदी की घोषणा कर दी. इसके बाद सुनील गुप्ता के जीवन में बड़ा परिवर्तन आया. उसे शराब मिलनी बंद हो गयी. जब उसे नशे से मुक्ति मिली तो घर -परिवार की बदहाली देख उसकी आंखें खुल गयीं.
उसने कुछ करने की ठानी. उसने किरायेदार से पहले अपनी दुकान खाली करायी. इसके बाद उसने उसी में मिठाई-नाश्ते की दुकान खोल ली. उसने समोसा, लिट्टी, घुघनी, निमकी, मिठाई, बर्फी व चाट बेचना शुरू कर दिया. सुनील बताते हैं कि अब वह सुबह में ही नहा-धोकर पूजा-पाठ करने के बाद दुकान खोल लेता हूं. दिन भर में 1200-1300 की दुकानदारी हो जाती है. इससे उसे हर दिन लगभग 300-400 रुपये का मुनाफा हो जाता है.
झोंपड़ीनुमा घर को बनवा रहा पक्का
दो साल पहले सुनील गुप्ता का जो घर झोंपड़ीनुमा था, उसे अब वह नये सिरे से पक्का बनवा रहा है. घर में सभी लोग उसे इज्जत और मान-सम्मान देने लगे हैं.
घर-परिवार में शादी-विवाह के अवसर पर बुला कर उससे राय- मशवरा लिया जाने लगा है. जो लोग पहले देख कर दूर भागते थे, आज वे उसकी दुकान पर आकर नाश्ता करते हैं. सुनील ने कहा कि शराब के कारण उसका शरीर बहुत ही कमजोर हो गया था, लेकिल शराब छोड़ने के बाद वह स्वस्थ रहने लगा है. पहले दूसरों से उधार मांगा करता था, पर अब उनका कर्ज चुका दिया है.
पत्नी बोली, सीएम नीतीश ने शराबबंदी कर परिवार को खुशहाल बना दिया
सुनील गुप्ता की पत्नी सियामणि देवी इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई देती है. वह कहती है कि मुख्यमंत्री ने राज्य में शराबबंदी काे लागू कर उसके परिवार को खुशहाल बना दिया. राज्य में शराबबंदी होने से उसके जैसे हजारों परिवार की जिंदगी खुशहाल हो गयी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन