ePaper

बिहार कैबिनेट का फैसला : अपराध नियंत्रण के लिए ADG के नये पद को मंजूरी

Updated at : 20 Mar 2018 10:59 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार कैबिनेट का फैसला : अपराध नियंत्रण के लिए ADG के नये पद को मंजूरी

पटना (संवाददाता) : बिहार सरकार ने सभी तरह के आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों पर नकेल कसने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) में एडीजी के नये पद को मंजूरी दी है. वर्तमान में यहां आइजी का पद है. इस पद के ऊपर एडीजी के पद के गैर-संवर्गीय पद को मंजूरी दी गयी है. इओयू […]

विज्ञापन

पटना (संवाददाता) : बिहार सरकार ने सभी तरह के आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों पर नकेल कसने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) में एडीजी के नये पद को मंजूरी दी है. वर्तमान में यहां आइजी का पद है. इस पद के ऊपर एडीजी के पद के गैर-संवर्गीय पद को मंजूरी दी गयी है. इओयू में साइबर क्राइम का राज्य स्तरीय यूनिट होगा, जहां सभी जिलों में स्थापित होने वाले साइबर क्राइम यूनिट का स्टेट कंट्रोल सेंटर होगा. इस तरह यहां से सभी तरह के आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की मॉनीटरिंग होगी और इस पर नकेल कसने की रणनीति तैयार होगी. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव समेत 38 प्रस्ताव को मंजूरी दी.

भागलपुर और मुजफ्फरपुर स्थित एफएसएल की यूनिटों में साइबर क्राइम यूनिट का गठन होगा. इसके लिए नये पद के सृजन को मंजूरी दी गयी है. इसके अलावा सभी तरह के आपराधिक मामलों की उच्च स्तरीय जांच के लिए पटना एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) में पॉलीग्राफी यूनिट एवं नारको एनालाइसिस सेंटर के गठन को मंजूरी दी गयी है. किसी बड़े अपराधी का बड़े मामले की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सच्चाई पता करने के लिए इन दोनों जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इस तरह की जांच अभी सीबीआइ के पास ही हुआ करती थी.

कैबिनेट में लिये गये एक अन्य अहम फैसले के तहत राज्य में क्लास वन अधिकारियों को संविदा पर बहाल करने के लिए अब कैबिनेट से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे किसी प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए राज्य और प्रमंडलीय स्तर पर एक चयन समिति का गठन किया गया है. राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे. जबकि, प्रमंडलीय स्तर पर आयुक्त की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित होगी. स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ममता कार्यकर्ता की सेवा प्रदान की गयी है.

शराब सैंपल की जांच के लिए नमूना जांच सेंटर
राज्य में शराब से जुड़े मामलों की जांच करने के लिए मुजफ्फरपुर और भागलपुर में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला या सेंटर का गठन किया जायेगा. इन प्रयोगशाला के लिए टेक्नीशियन के पद के सृजन को मंजूरी दी गयी है. ताकि इनमें शराब से जुड़े सैंपल की जांच के लिए उचित व्यवस्था हो सके. शराबबंदी कानून के बाद बड़ी संख्या में शराब के कई तरह के सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं. ऐसे में इन दोनों स्थानों पर लैब स्थापित होने से सैंपल के जांच में सहूलियत होगी. इसके अलावा सीआइडी में हैंड राइटिंग एक्सपर्ट की बहाली के लिए बिहार राजकीय संदिग्ध लेख्य परीक्षक संवर्ग नियमावली, 2018 को मंजूरी दी गयी है.

पटना कलेक्ट्रेट के नये भवन के लिए 186 करोड़ मंजूर
पटना कलेक्ट्रेट परिसर में नये भवन का निर्माण के लिए 186 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य योजना मद के अंतर्गत यह मंजूरी दी गयी है. इससे पटना में नया कलेक्ट्रेट भवन और परिसर का निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा.

कैबिनेट में लिये गये अन्य महत्वपूर्ण फैसले
– राज्य के होटलों को विशेष सुविधा प्रदान करने के लिए औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2006 के अंतर्गत 1 अप्रैल 30 जून 2016 के बीच खोले गये होटलों को विलासिता कर (लक्जरी टैक्स) में छूट दी गयी.
– मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नली पक्कीकरण निश्चय योजना के तुरंत क्रियान्वयन करने की मंजूरी.
– जहानाबाद के हुलासगंज अंचल में केवला गांव के पास केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की बटालियन के निर्माण के लिए 38 एकड़ जमीन प्रदान की गयी है. इसके लिए काफी समय से पटना स्थित पूर्वी हेडक्वार्टर प्रयास में लगा हुआ था.
– गोपालगंज में सैनिक स्कूल के लिए जमीन अधिग्रहण और इसके भवन निर्माण के लिए 32 करोड़ 37 लाख रुपये मंजूर किया गया. इसमें 19 करोड़ 46 लाख रुपये जारी करने की स्वीकृति दी गयी है.
– पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान को कॉरपस फंड के गठन के लिए 31 करोड़ रुपये जारी किये गये.
– भागलपुर में बुनकरों को राहत देने के लिए उनके बिजली बिल का बकाया वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की जायेगी.
– बिहार राज्य चीनी निगम लिमिटेड की लोहट इकाई में पड़े एक स्टीम इंजन (लोकोमोटिव) को पूर्व मध्यम रेलवे के दरभंगा जंक्शन पर हेरिटेज के रूप में रखने के लिए पूर्व मध्य रेलवे को ट्रांसफर करने की अनुमति.
– नालंदा जिला के राजगीर के पिलखी मौजा में 4.86 एकड़ जमीन भूमि बैंक परियोजना को ट्रांसफर की गयी.
– राज्य के 37 व्यवहार न्यायालयों के लिए सृजित कोर्ट मैनेजर के 37 टंकण पद की स्वीकृति.
– मुजफ्फरपुर जिला के मुरौल प्रखंड के ग्राम पिलखी में 30 बेड वाले मातृ शिशु अस्पताल के लिए 50 नियमित पदों के सृजन की स्वीकृति.
– राज्य के 89 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 801 नियमित पदों के सृजन की मंजूरी.
– पटना के गार्डिनर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में दो हिमेटोलॉजिस्ट के पद को मंजूरी.
– पश्चिम चंपारण के गौनाहा की सीडीपीओ कुसुम कुमारी और शेखपुरा में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के तत्कालीन सहायक निदेशक मदार बख्श को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
– सीएम नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा योजना के अंतर्गत राज्य में 300 सोलर पंप की मंजूरी. इसमें 50 फीसदी राज्य, 25 फीसदी केंद्र और 25 फीसदी अपनी राशि व्यय करनी होगी.
– प्रारंभिक स्कूल के शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति नियमावली, 2018 को स्वीकृति प्रदान की गयी है. अब स्कूल शिक्षकों का ट्रांसफर जिला के बाहर या इनकी सुविधा के अनुसार होने में काफी सहूलियत होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन