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मानव शृंखला में शामिल नहीं होने पर सरकार नहीं करेगी कोई कार्रवाई

Updated at : 17 Jan 2018 6:28 AM (IST)
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मानव शृंखला में शामिल नहीं होने पर सरकार नहीं करेगी कोई कार्रवाई

पटना : पटना उच्च न्यायालय में राज्य सरकार ने कहा है कि दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ मानव शृंखला में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों और छात्रों पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी.मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ में राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर ने यह जानकारी […]

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पटना : पटना उच्च न्यायालय में राज्य सरकार ने कहा है कि दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ मानव शृंखला में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों और छात्रों पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी.मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ में राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर ने यह जानकारी दी. उन्होंने अदालत को बताया कि मानव शृंखला का आयोजन रविवार को रखा गया है. इस अभियान में जो लोग चाहे स्वेच्छा से शामिल हो सकते हैं. किसी पर कोई दबाव नहीं दिया जायेगा. अदालत ने महाधिवक्ता को सुनने के बाद इस मामले में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया.मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी.
गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने एक लोकहित याचिका दायर कर राज्य सरकार के 11 जनवरी 2018 को निर्गत पत्र को चुनौती दी है. इस पत्र में शिक्षा विभाग के उपसचिव ने राज्य के सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है की उनके विद्यालय में पढ़ने वाले पांच वर्ष से ऊपर के सभी बच्चे व शिक्षक 21 जनवरी को दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान के समर्थन में बनाये जाने वाले मानव शृंखला में शामिल होंगे.
याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि एक ओर राज्य सरकार जहां बच्चों को इस जाड़े के समय में वस्त्र उपलब्ध नहीं करा पा रही है, वहीं दूसरी ओर इन बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल कर अपने पद का दुरुपयोग कर रही है. ऐसी स्थिति में 21 जनवरी को राज्य में बनने वाले मानव शृंखला से इन बच्चों और शिक्षकों को अलग रखा जाये.
मानव शृंखला का करेंगे विरोध
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघर्ष समिति की अोर से समान काम-समान वेतन की मांगों और पांच माह से लंबित वेतन के मांगों को लेकर मानव शृंखला का विरोध करने की बात कही. संघ के मीडिया प्रभारी संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार सरकार नियोजित शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है. ऐसे में संघ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में समान काम समान वेतन के खिलाफ बिहार सरकार स्लिप वापस लेने आदि मांगों को लेकर 21 जनवरी को सरकार द्वारा आयोजित होने वाले मानव शृंखला से दूर रहने के लिए शिक्षकों से अपील किया है.
शृंखला का करेंगे बहिष्कार
बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ ने 21 जनवरी को अायोजित मानव शृंखला का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. संघ की अोर से आयोजित बैठक में राज्य संयोजक प्रो राजीव रंजन ने बताया कि डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षाकर्मियों का सात वर्ष का बकाया अनुदान लंबित होने से आक्रोश के कारण यह निर्णय लिया गया है.
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