बिहार : पढ़ें....पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीत‍ीश कुमार का पूरा भाषण और लालू की प्रतिक्रियाएं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Oct 2017 6:26 AM

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बिहार को मिली 3769 करोड़ की सौगात बोले पीएम : राज्य के विकास के लिए नहीं छोड़ेंगे कोई कसर, समयसीमा में पूरी होंगी योजनाएं पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार को कई सौगातें दीं. नेशनल हाइवे और सीवरेज प्लान के 3769 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि […]

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बिहार को मिली 3769 करोड़ की सौगात
बोले पीएम : राज्य के विकास के लिए नहीं छोड़ेंगे कोई कसर, समयसीमा में पूरी होंगी योजनाएं
पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार को कई सौगातें दीं. नेशनल हाइवे और सीवरेज प्लान के 3769 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में नयी सरकार के काम का परिणाम दिखने लगा है.
करीब पांच घंटे तक पटना में रहे नरेंद्र मोदी ने बिहार के विकास के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया. पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि इस शिक्षण संस्थान के गौरव को दुनिया के पैमाने पर दोबारा ले जाने की जरूरत है.
उन्होंने मोकामा की सभा में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कंधे से कंधा मिला कर काम कर रही है. मोकामा की सभा में प्रधानमंत्री ने राज्य के पहले सीएम श्रीकृष्ण सिंह, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, भगवान परशुराम और बाबा चौहरमल की चर्चा की.
उन्होंने मुफ्त बिजली कनेक्शन वाली प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना और खुले में शाैच से मुक्ति के लिए बिहारवासियों को आगे आने का आह्वान किया.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गंगा की अविरलता की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के प्रयास किये जा रहे हैं.
इसके लिए सरकार अरबों-खरबों रुपये खर्च कर रही है. उन्होंने सवा लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज के हिस्सा रहे पचपन हजार करोड़ रुपये की सड़क की योजना को समयसीमा में पूरा होने का दिलासा भी दिया. मोकामा की सभा में गंगा नदी में छह लेन का राजेंद्र सेतु के समानांतर पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया.
प्रधानमंत्री ने चार नेशनल हाइवे और चार सीवरेज प्लांट के निर्माण की भी आधारशिला रखी. अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार की खूब प्रशंसा की. वहीं, बिना किसी का नाम लिये कहा कि पहले ऐसे लोग सरकार में थे जो कहा करते थे गरीबों को सड़क की क्या जरूरत, सड़क तो मोटरकार वालों के लिए होती है.
इसके पहले शनिवार को पटना आये नरेंद्र मोदी का हवाई अडडे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल सतपाल मलिक ने स्वागत किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को गुलाब का फूल दिया और दोनों नेता गर्मजोशी से मिले और मुस्कुराते हुए कुछ मिनटों तक बातचीत करते रहे.
पटना विवि के मंच पर प्रधानमंत्री के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पीयू के कुलपति डॉ रासबिहारी सिंह का संबोधन हुआ. मंच पर राज्यपाल सतपाल मलिक, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, उपेंद्र कुशवाहा, अश्विनी कुमार चौबे और राज्य के शिक्षा मंत्री केएनपी वर्मा मौजूद थे.
वहीं मोकमा के मंच पर प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, राजकुमार सिंह,पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, सांसद पप्पू यादव, वीणा देवी और राज्य सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, नंदकिशोर यादव, सुरेश शर्मा, श्रवण कुमार, डॉ प्रेम कुमार सहित कई मंत्री व विधायक मौजूद थे.
बिहार देश के विकसित राज्यों के साथ खड़ा होगा : प्रधानमंत्री
जदयू के साथ बिहार में भाजपा की बनी सरकार के बाद पहली बार पटना आये प्रधानमंत्री ने कहा कि शायद ही कोई राज्य हो जहां टाॅप पांच आईएएस अधिकारियों में यहां के छात्र नहीं हों. पटना विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा दिये जाने की मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की मांगों पर सीधी घोषणा करने की जगह विवि को इससे आगे ले जाने पर जोर दिया.
उन्होंने पटना विवि के मंच पर हजारों छात्रों की मौजूदगी में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक आग्रह रखा है और आप सभी ने इस पर तालियां भी बजायीं, लेकिन मैं मानता हूं कि यह बात पुरानी हो गयी है और मैं इससे एक कदम आगे ले जाना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि देश के 10 सरकारी और 10 निजी विवि का चयन कर पांच साल के भीतर विश्वस्तरीय बनाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया जायेगा. पटना विवि को इसके लिए अपने को तैयार करना होगा.
उन्होंने इनोवेशन के क्षेत्र में भी बिहार के युवाओं को आगे आने का आह्वान किया. इसके पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आपसे हाथ जोड़ कर अनुरोध करता हूं कि पटना विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा दीजिये, आगे आने वाले सौ साल तक लोग याद रखेंगे किसने यह दिया. प्रधानमंत्री ने बिहार और पटना विवि की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोगों को सरस्वती का वरदान है. अब सरस्वती और लक्ष्मी साथ-साथ होंगी. लक्ष्मी के लिए केंद्र सरकार का साथ होगा.
उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मंच से कहा कि 2022 में जब आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनायी जायेगी उस समय बिहार देश के विकसित राज्यों के साथ खड़ा होगा. पटना विवि के सौ साल के समारोह के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री बिहार संग्रहालय को देखने गये.
उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री हवाई अड्डे पर जब दिन के 10 बज कर पचास मिनट पर उतरे तो उन्होंने अभिवादन के बाद पटना के नवनिर्मित बिहार संग्रहालय को देखने की ईच्छा जतायी. इस बात की चर्चा स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में भी कही.
प्रधानमंत्री ने कहा…
देश के 10 सरकारी और 10 निजी विवि को बनाया जायेगा विश्वस्तरीय, पांच साल में मिलेंगे 10 हजार करोड़
मोकामा में स्थानीय भाषा में किया लोगों का अभिवादन कहा, यहां से नीतीश कुमार को है इमोशनल लगाव
सड़क समृद्धि लाती है पानी संकट का निदान नदियों की अविरलता और निर्मलता
बिहार की तपस्या बेकार नहीं जायेगी, गंगा साफ होगी तो छठ का आनंद कुछ और होगा
टाल क्षेत्र के विकास में केंद्र करे मदद : मुख्यमंत्री
शशिभूषण कुंवर
मोकामा : केंद्र व राज्य सरकार की साझी विकास योजना के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए कई नये प्रोजेक्ट की मांग की. केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में नये प्रोजेक्ट शुरू करने का अनुरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया.
उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों की केंद्र से भारी अपेक्षा है. एनडीए के शासनकाल में किये गये विकास को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की डिक्शनरी में ना शब्द नहीं है.
मुख्यमंत्री ने बड़ी विनम्रता और संजीदगी के साथ अपनी मांग पेश की. कई बार तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी से मांग रखने के लिए करबद्ध प्रार्थना शब्द का भी उपयोग किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टाल क्षेत्र के विकास से अपनी मांग शुरू की. उन्होंने कहा कि 1016 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मोकामा का टाल क्षेत्र है. एक लाख 60 हजार भूमि है.
इस क्षेत्र की अपनी समस्या है. अब केंद्र सरकार भी टाल क्षेत्र के विकास के लिए सहमत हो गयी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी उनको समय दें, तो इस क्षेत्र की पूरी समस्या से वह उनको अलग से अवगत करा देंगे. प्रधानमंत्री को उन्होंने बताया कि मोकामा टाल क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार ने 10892 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें 189 करोड़ की योजना स्वीकृत की गयी है. केंद्रीय मंत्री समय देते हैं तो वह अलग से इस क्षेत्र का प्रेजेंटेंशन देंगे.
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा गंगा नदी पर बनाये जानेवाले पुलों का जिक्र करते हुए कहा कि जेपी सेतु के समानांतर पुल निर्माण के लिए गडकरी के साथ पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के साथ हुई वार्ता में सैद्धांतिक सहमति मिल गयी है. इसके अलावा गडकरी ने गांधी सेतु के समानांतर पुल निर्माण की घोषणा कर चुके हैं. मोकामा में गंगा नदी पर छह लेन के पुल का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है.
अब कोसी क्षेत्र से भागलपुर को जोड़ने के लिए समानांतर पुल निर्माण के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने गडकरी द्वारा दिल्ली से गोरखपुर होते हुए वाराणसी तक के एक्सप्रेस वे की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनको भी इसकी जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार दिल्ली से गोरखपुर होते हुए गाजीपुर तक एक्सप्रेस हाइवे निर्माण करा रही है. इसे गाजीपुर तक ले जाना है.
बक्सर में एक सेतु है और केंद्र सरकार एक और सेतु का निर्माण कर गाजीपुर को बक्सर से जोड़ने का काम करेगी. बक्सर ऐतिहासिक भूमि है. वहां पर विश्वामित्र का आश्रम है जहां पर भगवान राम की शिक्षा-दीक्षा हुई है. बगल में प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र काशी है. यहां पर चौसा भी ऐतिहासिक स्थल है. एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए उन्होंने पटना से बक्सर तक एक और नयी सड़क के निर्माण की उन्होंने मांग की.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले पटना से बक्सर के लिए फोर लेन का निर्माण कराया जा रहा है. अगर एक नयी सड़क पटना से बक्सर तक निर्माण हो जाये तो पटना से लोग सीधे बनारस, गोरखपुर, लखनऊ होते हुए दिल्ली पहुंच जायेंगे. रही बात जमीन अधिग्रहण की तो इसमें राज्य सरकार केंद्र सरकार को भरपूर सहयोग करने के लिए तैयार है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा की निर्मलता और अविरता को बनाये रखने के लिए गंगा में सिल्ट की समस्या की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने बताया कि फरक्का बराज के कारण गंगा में सिल्ट की समस्या बढ़ रही है. इसके कारण गंगा के इकोफ्लो में कमी आयी है. गंगा के अप स्ट्रीम में कई प्रोजेक्ट के निर्माण के कारण भी गंगा की अविरता में कमी आयी है. उन्होंने बताया कि पूरा बिहार गंगा बेसिन के तहत आता है.
गंगा के वाटर-वे की तरफ भी उन्होंने प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया. मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में सीवरेज के पानी को पूरी तरह से नदियों में गिरने से रोकने की व्यवस्था की जा रही है. जितना गंदा पानी शहरों से निकलेगा उसका ट्रीटमेंट कर सिंचाई के काम में लाने की दिशा में पहल की गयी है. गंगा तट पर बसे शहरों के गंदे पानी को साफ कर ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने की योजना है.
– बिहार के छात्राें को पीएम-सीएम ने दिया धोखा बनाया बेवकूफ : लालू
पटना : पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं दिये जाने पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता और छात्र-छात्राओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने धोखा दिया है और बेवकूफ बनाया है.
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