पटना/फतुहा : कच्चीदरगाह (पटना) से बिदुपुर (वैशाली) के बीच बन रहे छह लेन पुल के निर्माण काम की प्रगति से एशियन डेवलपमेंट बैंक(एडीबी)बोर्ड के सदस्य संतुष्ट दिखे. बोर्ड के सदस्यों ने पुल के बनने से सामाजिक, पर्यावरण व जीवन स्तर सहित अन्य चीजों पर पड़नेवाले प्रभाव का आकलन किया.
पुल का निरीक्षण कर लौटे सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. इससे पहले मुख्य सचिव के साथ एडीबी के सहयोग से हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. एडीबी बोर्ड के सदस्यों ने गंगा पार राघोपुर स्थित बने कैंप साइट में कई महिलाओं व पुरुषों से पुल के बारे में जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि पुल के बनने से इस क्षेत्र में विकास होगा. लोगों ने बताया कि पुल के बनने से आने-जाने की सुविधा बढ़ने के साथ व्यापार करने में सुविधा होगी.
बुधवार को एडीबी बोर्ड के सदस्य मैथ्यू फॉक्स, सयूरकणि इशाक कासिम, तकेसी कुरिहारा, माइकल स्ट्रेस व केनेची योकोमामा सहित अन्य सदस्य कच्ची दरगाह -बिदुपुर पुल का निरीक्षण करने पहुंचे. इसमें छत्रपति शिवाजी होस्ट डायरेक्टर थे. बोर्ड में आॅस्ट्रेलिया, चीन, स्वीटजरलैंड, नेपाल, इंडोनेशिया व जापान के सदस्य शामिल थे. बोर्ड के सदस्य सबलपुर से गंगा पार कर राघोपुर स्थित कैंप साइट में जाकर पुल निर्माण प्रगति की समीक्षा की.
सदस्यों ने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ पुल के बनने से कनेक्टिव होनेवाले इलाके के बारे में जानकारी ली. इस दौरान पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने सदस्यों को बताया कि यह पुल उत्तर बिहार व दक्षिण बिहार के लिए लाईफ लाईन साबित होगा.
इस पुल से पटना, नालंदा, जहानाबाद के साथ-साथ उत्तर बिहार के वैशाली सहित अन्य जिलों के साथ संपर्क बढ़ेगा. वहीं एशियन विकास बैंक बिहार में सीवरेज ट्रीटमेंट पर पायलट प्रोजेक्ट लगायेगी. बुधवार को एडीबी) की एक टीम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल कर प्रोजेक्ट लगाने की इच्छा जतायी.
