ePaper

बिहार प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा : चालक-कंडक्टर के लिए अलग हो टॉयलेट, नहीं तो जायेगी स्कूल की मान्यता

Updated at : 19 Sep 2017 7:37 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा : चालक-कंडक्टर के लिए अलग हो टॉयलेट, नहीं तो जायेगी स्कूल की मान्यता

गुरुग्राम के रेयान स्कूल में मिली कमियां स्कूलों के लिए सबक चालक-कंडक्टर के लिए अलग हो टॉयलेट, नहीं तो जायेगी मान्यता पटना : गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच में पायी गयी जिन कमियों को लेकर सीबीएसइ ने स्कूल को शो कॉज नोटिस जारी किया है, वह यहां के स्कूलों के […]

विज्ञापन
गुरुग्राम के रेयान स्कूल में मिली कमियां स्कूलों के लिए सबक
चालक-कंडक्टर के लिए अलग हो टॉयलेट, नहीं तो जायेगी मान्यता
पटना : गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच में पायी गयी जिन कमियों को लेकर सीबीएसइ ने स्कूल को शो कॉज नोटिस जारी किया है, वह यहां के स्कूलों के लिए भी सबक है. नोटिस में बतायी गयी कमियों पर गौर करें, तो यहां के अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए बसें चलायी जाती हैं, लेकिन वहां चालक, कंडक्टर व सफाई कर्मियों के लिए अलग से टॉयलेट अथवा वाॅशरूम की व्यवस्था नहीं है. रेयान स्कूल को सीबीएसइ की ओर से दी गयी चेतावनी के अनुसार यदि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी गयीं, तो स्कूल की मान्यता पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है. उनकी मान्यता भी जा सकती है.
नोटिस के अनुसार स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अन्य कई सुविधाएं भी उपलब्ध करानी हैं. समय-समय पर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का नवीकरण करा कर अद्यतन रखना जरूरी है. शुद्ध पेयजल के लिए आरओ जरूरी है.
सुरक्षा के लिए क्या-क्या करना है जरूरी
चालक, कंडक्टर समेत सफाई कर्मियों के लिए अलग टॉयलेट
स्कूल भवन व परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त व ऑन रहना चाहिए
बच्चों के लिए बने टॉयलेट अथवा वाॅशरूम में ग्रिल लगे वेंटिलेटर हों
टॉयलेट अथवा वाॅशरूम के पास आया या चतुर्थवर्गीय कर्मियों की तैनाती हो
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का समय से नवीकरण हो
बच्चों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए आरओ प्लांट हो
किसी तरह की अवांछित घटना हो, तो उसे छुपाएं नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दें
स्कूल भवन का जो कमरा या तल (फ्लोर) अनुपयोगी हो, उसे बंद रखें, ताकि बच्चे वहां नहीं पहुंच सकें
दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप व स्पेशल टॉयलेट हो
बच्चों की सुरक्षा है प्राथमिकता
स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी है. समुचित सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर संभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की कमी न रहे. सीबीएसइ की गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था हो, इसके प्रति स्कूल गंभीर हैं.
डॉ डीके सिंह, अध्यक्ष, बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन
फतुहा में बंद करने के आदेश के बावजूद खुले रहे 27 निजी स्कूल
फतुहा : सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने पर शहर में संचालित 27 निजी स्कूल के संचालन पर 15 सितंबर को रोक लगा दी गयी थी. इसकी लिखित सूचना सभी 27 विद्यालय के संचालकों को दे दी गयी. इसके बावजूद सोमवार को सभी विद्यालय सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए खुले रहे.
संचालकों ने स्कूल बंद करने के आदेश को ज्यादती बताते हुए नाराजगी जतायी है. वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गुप्त नारायण सिंह ने बताया कि सरकारी आदेश का पालन नहीं करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी. आदेश नहीं मानने वाले विद्यालयों को पहचान कर सील कर आगे की कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में की जायेगी.
एंबुलेंस के पहुंचने तक का रास्ता नहीं : गौरतलब है कि गुरुग्राम के एक स्कूल में हुई बच्चे की हत्या के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर प्रदेश के स्कूलों में भी जांच की जा रही है.
इसी कड़ी में फतुहा में भी जांच हुई. जांच में सामने आया कि यहां शहर की गलियों में बिना मापदंड पूरा किये दर्जनों निजी विद्यालयों चल रहे हैं. जहां अगर हादसे हुए तो दमकल की गाड़ियां तो दूर एंबुलेंस के पहुंचने तक का रास्ता नहीं है. विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे आदि तक की व्यवस्था नहीं है.
बैठक कर जताया विरोध
फतुहा. शहर में चल रहे निजी विद्यालय के संचालकों ने रविवार को बैठक कर विद्यालय बंद करने के आदेश को मानने से साफ इन्कार किया. उन्होंने कहा की हमलोगों ने 2011 में ही विद्यालयों के निबंधन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया और फरमान जारी कर दिया. आखिर हजारों बच्चों के भविष्य का सवाल है.
जहां तक री मापदंड पूरा नहीं करने का सवाल है तो सरकार बताये क्या फतुहा में चल रहे सरकारी विद्यालय मापदंंड पूरा करतेे हैैं? बैठक में सभी 27 विद्यालयों के संंचालक और उनके प्रतिनिधि मौजूद थे.
खुसरूपुर में 18 निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश
खुसरूपुर : शहर में चल रहे 18 निजी विद्यालयों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के मानकों का पालन नहीं करने के कारण तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया गया है.
इन स्कूलों पर हुई कार्रवाई
न्यू आदर्श अकादमी चट्टीपर खुसरूपुर, द लिटिल फ्लावर हाई स्कूल खुसरूपुर, इन फाउण्ट जस्टिस अकादमी, आवासीय ज्ञान मंदिर बांसटाल चौराहा, अनुपम विद्या केंद्र सखीपुर खुसरूपुर, आवासीय बाल विकास निकेतन कृष्णा नगर खुसरूपुर, लक्ष्य पब्लिक स्कूल चकबंदा खुसरूपुर, आदर्श शिशु भारती खुसरूपुर, न्यू चिल्ड्रेन प्रोग्रेसिव उच्च विद्यालय खुसरूपुर, संत पॉल्स स्कूल चट्टीपर खुसरूपुर, आवासीय बाल विकास निकेतन मियांटोली खुसरूपुर, महर्षि पतंजलि विद्यापीठ उत्तमपुर खुसरूपुर, दी मॉर्डन पब्लिक स्कूल भूसकी खुसरूपुर, आवासीय संत डीपीएस पब्लिक स्कूल खुसरूपुर, देहरादून पब्लिक स्कूल मियांटोली खुसरूपुर, ज्ञान सहयोगी कान्वेंट खुसरूपुर, डिवाइन लाइट रेसिडेंसियल खुसरूपुर और ज्ञान सरोवर खुसरूपुर.
दनियावां : पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड के तीन निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2011 के मानक पूरा नहीं करने पर दिया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार वर्मा ने प्रखंड के क्राइस मिशन स्कूल दनियावां, रॉयल हरिजन उच्च विद्यालय फरीदपुर और रामलखन सिंह मध्य विद्यालय पीरबदौना को बंद करने का आदेश देते हुए नोटिस भेजा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन