नीतीश ने कहा, ताकत है तो तोड़ लें जदयू, नहीं तो जायेगी सदस्यता

पटना: जदयू के बागी सांसद शरद यादव और सांसद अली अनवर अंसारी की राज्यसभा की सदस्यता जायेगी. इसके संकेत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दे दिये हैं. रवींद्र भवन में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और खुले अधिवेशन में नीतीश कुमार ने दोनों सांसदों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि […]
पटना: जदयू के बागी सांसद शरद यादव और सांसद अली अनवर अंसारी की राज्यसभा की सदस्यता जायेगी. इसके संकेत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दे दिये हैं. रवींद्र भवन में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और खुले अधिवेशन में नीतीश कुमार ने दोनों सांसदों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पार्टी को तोड़ने की बात कहने वालों में हिम्मत है, तो तोड़ कर दिखाएं, नहीं तो उनकी सदस्यता जायेगी. पार्टी तोड़ने के लिए दो तिहाई सांसदों और दो तिहाई विधायकों को तोड़ना होगा. अगर वे ऐसा कर लेते हैं तो कुछ नहीं कहना है, लेकिन अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो उनकी सदस्यता तो जायेगी. राजद के दम पर पार्टी को तोड़ने का अगर मंसूबा रखते हैं तो इसमें वे सफल नहीं हो पायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू एकजुट है.
जदयू के दो लोकसभा सांसद, नौ में से सात राज्यसभा सांसद, सभी 71 विधायक और सभी 30 विधान पार्षद एकजुट हैं. कोई उनके साथ नहीं हैं. शरद यादव का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोकराज से चलता है, लेकिन वे ही इसे भूल गये और भ्रष्टाचार में लिप्त व परिवारवाद के साथ हो गये. जदयू में प्रतिबद्धता है और कोई पार्टी छोड़ कर नहीं जा रहा है, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी होती है. वे स्वतंत्र हैं. जो करना है वे करें, पार्टी को कोई असर नहीं होने वाला है, वैसे भी उन्होंने पार्टी का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया है. 2004 में जब वे लोकसभा चुनाव हार गये तो जॉर्ज फर्नांडीस से कह कर उन्हें राज्यसभा भिजवाया था.
वे अब कहते हैं कि 2013 में एनडीए से हटने के पक्ष में नहीं थे, तो उस समय क्यों नहीं बोले. जब वे ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे अौर दिल्ली में ही बैठक हुई थी तो ऐसा करने से क्यों नहीं रोका था? बाद में इस तरह की बात का कोई मायने नहीं रह जाता है. सांसद अली अनवर पर उन्होंने कहा कि वे तो महान हैं. भाजपा के वोट पर ही वे राज्यसभा पहुंचे थे. एक बार नहीं दो-दो बार उन्हें राज्यसभा भेज दिया और अब वे ही उपदेश दे रहे हैं. उन्हें लज्जा नाम की कोई चीज ही नहीं है. अब तो पार्टी के लोग भी मजाक उड़ाते हैं कि उन्हें आदमी की पहचान करनी ही नहीं आती. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग साझी विरासत की बात कर रहे हैं, लेकिन आज कल साझा एक ही चीज चल रही है और वह है परिवारवाद. हमें बहुमत परिवारवाद या भ्रष्टाचार के लिए नहीं मिला था.
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