जब ओवरलोडेड नाव के मोटर में फंसा कचरा, तो पढि़ए कैसे बची ये 40 जानें
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पिछले सात दिनों में हर दिन गंगा के जलस्तर में दो से तीन सेंटीमीटर तक बढ़ोतरी हो रही है. गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है. अभी यहां का जलस्तर 48.30 मीटर है. वहीं राज्य की नदियों में गंगा, घाघरा, पुनपुन के जलस्तर में आज वृद्धि की आशंका है. अभी खतरे […]
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पटना : पिछले सात दिनों में हर दिन गंगा के जलस्तर में दो से तीन सेंटीमीटर तक बढ़ोतरी हो रही है. गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है. अभी यहां का जलस्तर 48.30 मीटर है. वहीं राज्य की नदियों में गंगा, घाघरा, पुनपुन के जलस्तर में आज वृद्धि की आशंका है.
अभी खतरे के निशान से 57 सेमी नीचे बह रही गंगा नदी के जल स्तर में हथीदह में 16, भागलपुर में खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर नीचे के जल स्तर में 12, कहलगांव में खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे के जल स्तर में 11 सेमी वृद्धि, फरक्का में खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर के जल स्तर में और 15 सेमी वृद्धि की आशंका है. पुनपुन का जलस्तर श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 62 सेमी नीचे के जलस्तर में 65 सेमी वृद्धि की आशंका है. घाघरा गंगपुर सिसवन में 15 सेमी ऊपर थी. सात सेमी वृद्धि हो सकती है.
इधर जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने निर्देश जारी किया है कि गंगा में कोई भी नाव ओवरलोड नहीं चलेगी. हालांकि दीघा घाट से दियारा की ओर जानेवाले लोग हर दिन जान जोखिम में डाल कर गंगा पार कर रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है.
गुरुवार की दोपहर तेज बारिश में दीघा घाट से लोग नाव से गंगा पार कर रहे थे. नावा ओवरलोडेड थी, जिससे महिलाएं व बच्चे नकटा दियारा जा रहे थे. ओवरलोड नाव को रोकने के लिए हर घाट पर चौकीदार बहाल किये गये हैं, लेकिन किसी भी घाट पर इनकी मौजूदगी नहीं है.
नाविक गोपाल तीन बजे अपनी नाव पर लोगों को बिठाने लगा. महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग धीरे-धीरे नाव में बैठने लगे और उसके बाद भी नाविक नाव को नहीं बढ़ा रहा था. कुछ दूर से दो महिलाएं आ रहीं थीं.
उन्हें भी बिठाया गया और उसके बाद एक बच्ची बैठी. इसके बाद नाविक ने नाव को चलाया, लेकिन जैसे ही नाव बढ़ी, तो नाव बंद हो गयी. नाव पर बैठे लोगों ने सोचा कि क्या हुआ, तभी नाविक नाव को किनारे पर लाया और गंगा में उतर गया. इसके बाद नीचे से कुछ कचरा निकाला, जो नाव में फंस गया था. इसी कारण इंजन लोड नहीं ले रहा था.
अगर यह कचरा बीच में फंसा होता, तो नाव को रोकना मुश्किल था. इस नाव पर लगभग 40 से अधिक लोग बैठे थे. खास बात यह थी कि इस नाव की स्थिति भी काफी खराब थी. किनारे से यह फटा हुआ था. ऐसे कई नाव हर दिन चल रहे हैं.
एकडंगा तटबंध में दरार, मरम्मती के बाद निगरानी बढ़ी
बाढ़ : पानी के रिसाव को रोकने के लिए बाढ़ के एकडंगा गांव के पास महाने नदी पर स्थित तटबंध की मरम्मती करायी गयी है. इसमें दरार आ गयी थी. इसकी सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के देखरेख में तटबंध को दुरुस्त करने के बाद निगरानी बढ़ा दी गयी है. अंचलाधिकारी चन्द्रकांत सिंह ने बताया कि संभावित बाढ़ से निबटने के लिए नदावां गांव में सहायता केंद्र स्थापित किया गया है.
वहीं, गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर पर भी निगरानी की जा रही है. बाढ़ के बांध रोड में फिलहाल गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 75 सेंमी नीचे है. इस क्षेत्र में भी विस्थापितों के लिए व्यापार मंडल का नया गोदाम राहत केंद्र के रूप में तब्दील कर दिया गया है. सीओ ने बताया कि बाढ़ अंचल में 18 नावों को अनुबंधित किया गया है ताकि बाढ़ के दौरान इनका तुरंत इस्तेमाल किया जा सके.
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