पटना में खुले में मांस-मछली बिक्री पर एक्शन, 1135 दुकानों को नोटिस, 12 ने लिया लाइसेंस

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open meat sale ban

सांकेतिक तस्वीर

Patna News: पटना नगर निगम ने धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगा दी है. सर्वे में पाया गया कि बड़ी संख्या में दुकानदार तय मानकों का पालन नहीं कर रहे थे. इसके बाद 1135 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया और 686 दुकानों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बिक्री पर रोक लगा दी गई.

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Patna News: पटना में खुले में मांस-मछली बेचने वालों पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर एक महीने के भीतर शहरभर में चलाए गए. सर्वे में 1420 दुकानों की पहचान की गई.

पटना नगर निगम की रडार पर 1420 दुकानें

पटना की गलियों और मुख्य सड़कों पर खुले में मांस-मछली की बिक्री अब गुजरे जमाने की बात होने वाली है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के कड़े रुख के बाद नगर निगम की टीम ने पूरे शहर में एक बड़ा सर्वे अभियान चलाया.

इस जांच के दौरान कुल 1420 मांस-मछली की दुकानों की पहचान की गई, जिनमें से मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली 1135 दुकानों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है.

मानकों की अनदेखी और ‘लाइसेंस’ से दूरी

नगर निगम ने लंबे समय से बंद पड़े लाइसेंस सिस्टम को फिर से शुरू किया है, ताकि दुकानदार नियमों के तहत कारोबार कर सकें. हालांकि, एक महीने में केवल 12 दुकानदारों ने ही लाइसेंस लिया है, जो चिंता का विषय है. कई आवेदनों को मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण खारिज भी कर दिया गया है.

मांस की दुकानों के लिए एक निश्चित ढांचागत व्यवस्था, साफ-सफाई के कड़े इंतजाम और पारदर्शी शीशों के पीछे बिक्री का प्रावधान है. राजधानी अंचल में सबसे ज्यादा सख्ती देखी गई, जहां 313 नोटिस जारी किए गए.

686 दुकानों पर लगा ‘ताला’

सर्वे के दौरान जो दृश्य सामने आया वह चौंकाने वाला था. करीब 686 दुकानदार ऐसे पाए गए जो सरेआम सड़क किनारे बिना किसी ढकाव के मांस और मछली बेच रहे थे. नगर निगम ने इन सभी दुकानों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है.

राजधानी अंचल में 299, पाटलिपुत्र में 145 और बांकीपुर में 139 दुकानों पर गाज गिरी है. पटना सिटी और अजीमाबाद जैसे इलाकों में भी टीम ने औचक निरीक्षण कर अवैध ठेलों और गुमटियों को हटाने का निर्देश दिया है.

क्या है निगम का अगला प्लान?

नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी धार्मिक स्थल या स्कूल के 100 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी.

आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा और जो दुकानदार नोटिस के बाद भी लाइसेंस नहीं लेंगे या खुले में बिक्री जारी रखेंगे, उनका सामान जब्त कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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