BPSC TRE-3 पेपर लीक केस में कार्रवाई, EOU ने MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार, 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाने का आरोप

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MBBS डॉक्टर मनीष की फाइल फोटो

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BPSC TRE-3 Paper Leak: BPSC TRE-3 पेपर लीक मामले में EOU ने MBBS डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले करीब 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाकर पेपर उपलब्ध कराने की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी. जांच में हर अभ्यर्थी की सेटिंग के बदले 50 हजार मिलने की बात भी सामने आई है.

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BPSC TRE-3 Paper Leak: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई की है. EOU ने MBBS डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है. उन पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है.

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EOU के मुताबिक, इस मामले में अब तक 296 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है.

30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाने का आरोप

जांच में सामने आया है कि डॉक्टर मनीष कुमार ने करीब 30 अभ्यर्थियों को परीक्षा से दो-तीन दिन पहले पटना से गाड़ी रिजर्व कर झारखंड के हजारीबाग पहुंचाया था.

आरोप है कि वहां एक होटल में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पढ़ाया गया, ताकि वे परीक्षा में अच्छे अंक ला सकें. अभ्यर्थियों को होटल छोड़ने के बाद डॉक्टर मनीष वापस पटना लौट आए थे.

हर अभ्यर्थी पर 50 हजार मिलने का था वादा

EOU की जांच के अनुसार, डॉक्टर मनीष को हर अभ्यर्थी की सेटिंग कराने के बदले 50 हजार देने का वादा किया गया था. जांच एजेंसी का कहना है कि पूरी साजिश का मकसद पेपर लीक कर अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराना था.

संजीव मुखिया के बेटे से थी दोस्ती

जांच में यह भी सामने आया है कि डॉक्टर मनीष की दोस्ती डॉ. शिव से थी. डॉ. शिव, कथित परीक्षा गिरोह के सरगना संजीव मुखिया के बेटे बताए जा रहे हैं. EOU का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए TRE-3 परीक्षा का पेपर लीक करने और अभ्यर्थियों की भर्ती कराने की साजिश रची गई थी.

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MBBS के बाद सरकारी डॉक्टर भी रह चुके हैं

डॉक्टर मनीष ने वर्ष 2021 में पटना के NMCH से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने कैमूर जिले में सरकारी डॉक्टर के रूप में भी काम किया. फिलहाल उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और पीजी की तैयारी कर रहे थे.

EOU ने क्या कहा?

आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने वाले गिरोहों और उनसे आर्थिक लाभ कमाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

एजेंसी ने यह भी बताया कि मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है. जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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