सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा सीतामढ़ी: जिला परिषद पति की 8 गोली मारकर हत्या, आरोपी का घर फूंका, पुलिस टीम पर हमला
घटना के बाद इलाके में मौजूद पुलिसकर्मी, बॉक्स में क्षतिग्रस्त पुलिस की गाड़ियां
सीतामढ़ी में जिला परिषद सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया था. इस हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ गया है.
सीतामढ़ी मर्डर न्यूज: डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया निवासी और जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो की शनिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि वह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया.
आक्रोशित लोगों ने आरोपी का घर फूंका
गुस्साए लोगों ने आरोपी का घर फूंक दिया. मौके पर 12 थानों की पुलिस पहुंची है. SP-SDM भी मौके पर पहुंचे हैं. आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. हमले में ट्राफिक थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार का सिर फूट गया है. आनन फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस की 8 गाड़ियों में भी तोड़फोड़ हुई है. फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है.
तीन दिन पहले थाना परिसर में हुआ था प्रदर्शन

बैद्यनाथ महतो की हत्या ऐसे समय हुई है, जब महज तीन दिन पहले 8 सितंबर को सैकड़ों ग्रामीण डुमरा थाना पहुंचे थे. ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी.
ग्रामीण केथरिया में जिला पार्षद के आवास पर 28 अगस्त की देर रात हुई कथित गोलीबारी के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. उनका आरोप था कि गंभीर घटना के बावजूद मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
28 अगस्त की रात पार्षद आवास पर हुई थी गोलीबारी
आवेदन के अनुसार, 28 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे जिला पार्षद के आवास पर गोलीबारी की घटना हुई थी. परिवार के लोग घर में सो रहे थे. इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी. परिजन बाहर निकले तो कुछ लोगों को मोटरसाइकिल से भागते हुए देखने की बात कही गई.
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया था कि घटना से पहले करीब आठ-दस लोग शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे. विरोध करने पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई. घटना की सूचना डुमरा थाना और 112 नंबर पर दी गई थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया था.
अब पार्षद पति की हत्या से बढ़े सवाल

गोलीबारी के मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने 8 सितंबर को थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया था. इसके तीन दिन बाद ही बैद्यनाथ महतो की हत्या ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पिछली घटना में समय रहते कार्रवाई होती और आरोपितों की गिरफ्तारी की जाती तो अपराधियों का मनोबल नहीं बढ़ता. हालांकि, यह ग्रामीणों का आरोप है और इस पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है.
पुलिस की कार्यशैली पर ग्रामीणों में नाराजगी
हत्या के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने विधि-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है. ग्रामीणों के बीच एक बार फिर प्रदर्शन की चर्चा है. वहीं, डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार की कार्यशैली को लेकर भी स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं.
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. घटना के बाद पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
पूरे मामले को वीडियो में समझें
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