पटना के कालिदास रंगालय का हुआ कायाकल्प,जुलाई से शुरू होगा हाई-टेक थिएटर

Updated at : 31 Mar 2026 1:31 PM (IST)
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Kalidas Rangalaya

कालिदास रंगालय

Patna News: करोड़ की लागत बन रहा है कालिदास रंगालय का कायाकल्प अब अंतिम चरण में है. जुलाई 2026 से यहां न केवल आधुनिक कुर्सियां होंगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का साउंड सिस्टम भी गूंजेगा. जानिए, नए रंगालय में और क्या होगा खास.

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Patna News: पटना के रंगकर्मियों और कला प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. शहर का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र कालिदास रंगालय जल्द ही आधुनिक सुविधाओं के साथ नए रूप में नजर आएगा.

अब अंतिम चरण में लाइटिंग और साउंड सिस्टम का काम तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक यह थिएटर पूरी तरह तैयार होकर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

कला प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने को है

बिहार की सांस्कृतिक धड़कन कहे जाने वाले कालिदास रंगालय की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है. शहर के रंगकर्मियों और कला प्रेमियों के लिए यह केंद्र जल्द ही एक नए और आधुनिक स्वरूप में दस्तक देने को तैयार है.भवन का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है, तकनीकी इंस्टॉलेशन के कारण दर्शकों को अभी दो-चार महीनों का और इंतजार करना होगा.

बिहार आर्ट थिएटर के सचिव कुमार अभिषेक के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हाल ही में यहां का दौरा कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, ताकि जल्द ही यहां नाटकों का नियमित मंचन शुरू हो सके.

भीषण गर्मी में भी कूल रहेगा ऑडिटोरियम

कालिदास रंगालय के इस नए अवतार की सबसे बड़ी खासियत इसका पूर्णतः वातानुकूलित (AC) होना है. पुराने समय में भीषण गर्मी के दौरान कलाकारों को मंच पर भारी मेकअप के साथ पसीने से जूझना पड़ता था, जिससे उनकी प्रस्तुति प्रभावित होती थी.

300 सीटों वाले इस नए ऑडिटोरियम में प्रीमियम क्वालिटी की आधुनिक कुर्सियां लगाई जा रही हैं. इसके साथ ही वुडन फ्लोरिंग का काम भी अंतिम चरण में है, जो न केवल देखने में शानदार है बल्कि ध्वनि के संतुलन के लिए भी बेहतरीन मानी जाती है.

विदेशी लाइट और डिजिटल साउंड

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने इस थिएटर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने का जिम्मा उठाया है. इसके लिए लाइटिंग और साउंड से जुड़े विशेष अत्याधुनिक उपकरण बाहर से मंगवाए गए हैं. डिजिटल साउंड सिस्टम और कर्टन रेजर जैसे फीचर्स इसे बिहार के सबसे आधुनिक थिएटरों की श्रेणी में खड़ा कर देंगे.

ग्रीन रूम को भी पूरी तरह से रीडिजाइन किया गया है, जहां कलाकारों के लिए हर तरह की आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी. कर्टन रेजर की नई व्यवस्था थिएटर के अनुभव को बेहद पेशेवर और भव्य बना देगी, जिससे स्थानीय नाटकों को एक नई ऊंचाई मिलेगी.

7.10 करोड़ की लागत से हो रहा कायाकल्प

इस प्रोजेक्ट के लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने वर्ष 2023 में 7.10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी. भवन निर्माण विभाग इसके जीर्णोद्धार का काम कर रहा है. काम पूरा होने के बाद यहां नियमित रूप से नाटकों का मंचन शुरू हो जाएगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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