'भगत सिंह जैसे थे भरत तिवारी', पप्पू यादव, संजय झा समेत इन नेताओं ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल

Edited by Paritosh Shahi
Updated:
विज्ञापन

मृत भरत तिवारी की फोटो

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार की राजनीति तेज हो गई है. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से की है. जदयू नेता संजय झा, जेएमएम और अश्विनी चौबे ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

विज्ञापन

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है. इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई की सच्चाई और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. जदयू सांसद संजय झा ने कहा है कि जो वीडियो सामने आया है, वह पुलिसिया कार्रवाई पर संदेह पैदा करता है.

संजय झा ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए चार पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है. संजय झा ने मांग की है कि बड़े पुलिस अफसरों की देखरेख में इस पूरे मामले की समय पर और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार का नियम कि ‘कोई अपराधी नहीं बचेगा’, कानून का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी बराबर लागू होना चाहिए.

पप्पू यादव ने की शहीद भगत सिंह से तुलना

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस एनकाउंटर को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मृत युवक भरत तिवारी की तुलना शहीद-ए-आजम भगत सिंह से कर दी. पप्पू यादव ने कहा कि आज के दौर में जो कोई भी खराब व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, उसे इसी तरह दबा दिया जाता है. ऐसी घटनाएं हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक और बुरा संकेत हैं.

अश्विनी चौबे के बाद पुलिस बैकफुट पर

इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी इस एनकाउंटर पर अपनी ही सरकार की पुलिस को कटघरे में खड़ा किया था. उन्होंने सीधे तौर पर सवाल पूछा था कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, तो फिर उसे गोली मारने की क्या जरूरत थी. अब वीडियो सामने आने और चौतरफा दबाव के बाद सरकार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

झारखंड की राजनीति में भी गूंजा यह मामला

यह मामला अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड की राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है. झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट लिखकर बिहार की एनडीए सरकार को घेरा है. जेएमएम ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ आवाज उठाने के कारण ही भरत तिवारी को भारी पुलिस बल ने चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद उनकी जान चली गई. जेएमएम ने भी इस पूरे एनकाउंटर की हाई-लेवल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

इसे भी पढ़ें: बिहार बुलेट ट्रेन पर बड़ा अपडेट, पटना से दिल्ली सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में, सिलीगुड़ी तक विस्तार की तैयारी

नीट परीक्षा से पहले बिहार EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर नजर, फर्जी कॉल-मैसेज से रहें सावधान

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन