Panchak Importance: पंचक क्या है? इस दौरान क्या शुभ कार्य कर सकते हैं और क्या नहीं, जानें यहां

जब भी कोई कार्य किया जाता है तो मुहूर्त में सबसे पहले पंचक पर विचार किया जाता है. कुल 27 नक्षत्रों में से अंतिम के पांच नक्षत्र घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती होते हैं. एक नक्षत्र एक दिन ही रहता है, इस कारण इन पांच नक्षत्रों के पांच दिनों को ही पंचक कहा जाता है.
पंचक सबसे दूषित दिन होने के कारण पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी जाती है और यम मृत्यु के देवता हैं. किसी भी प्रकार का फर्नीचर खरीदना या रिपेयर करवाना हो तो इस समय यह कार्य वर्जित हैं. पंचक के दौरान घर की छत यानि कि लंटर इत्यादि नहीं डलवाना चाहिए. किसी प्रकार के ईंधन का भंडारण भी वर्जित है. वहीं, बता दें कि पंचक के दौरान हम कौन-कौन से कार्य कर सकते हैं. गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी, भवन का रजिस्टरेशन, मुंडन इत्यादि कार्य कर सकते हैं.
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