पाकिस्तानी फंडिंग का बिहार के किशनगंज से भी जुड़ा तार, अयोध्या कनेक्शन की भी हो सकती है जांच..

Updated at : 14 Dec 2023 12:52 PM (IST)
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पाकिस्तानी फंडिंग का बिहार के किशनगंज से भी जुड़ा तार, अयोध्या कनेक्शन की भी हो सकती है जांच..

बिहार पुलिस ने जिस पाकिस्तानी फंडिंग वाले नेटवर्क का खुलासा किया है उसकी जांच के दौरान नए खुलासे रोज हो रहे हैं. पाकिस्तानी फंडिंग का किशनगंज से भी अब तार जुड़ गया है. वहीं अब जांच एजेंसियां अयोध्या कनेक्शन की भी जांच कर सकती है.

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Pakistani Funding News: बिहार में पाकिस्तानी फंडिंग मामले के खुलासे के बाद अब इसकी जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. ATS ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है. नेपाल के रास्ते भारत में पाकिस्तान की ओर से की जा रही फंडिंग मामले के तार अब सीमांचल के किशनगंज से भी जुड़ गये हैं. जांच टीम को अनुसंधान के दौरान किशनगंज जिले के एक बैंक एकाउंट का पता चला है जहां पाकिस्तान से वाया नेपाल फंडिंग की गयी है. अबतक यूपी और उड़ीसा में फंडिंग की बात सामने आयी थी. किशनगंज का नाम जुड़ जाने के बाद पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गये हैं. पुलिस को शक है कि नेपाल से सटे सीमांचल के अन्य जिलों में भी इस तरह के खाते खोले गये हैं जहां पाकिस्तान द्वारा नेपाल के रास्ते बड़े पैमाने पर पैसे भेजे जा रहे हैं.

ATS ने भारतीय एजेंटों से जेल में की पूछताछ

दरअसल, मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए पुलिस काफी बारीकी से छानबीन कर रही है. जांच टीम पता करने में जुटी है कि किशनगंज में किस शख्स के बैंक खाते में पैसे जमा किये गये हैं? वह कौन है और उसका पेशा क्या है? इन तमाम बिन्दु पर पुलिस गुपचुप तरीके से पड़ताल कर रही है. मंगलवार को पुलिस मुख्यालय से पहुंची एटीएस की चार सदस्यीय टीम ने पाकिस्तानी फंडिंग मामले में सेंट्रल जेल में बंद तीन भारतीय एजेंटों से पूछताछ की थी. सूत्रों के अनुसार, करीब तीन घंटे की पूछताछ में गिरफ्तार भारतीय एजेंटों ने कई राज खोले हैं जिससे पुलिस को आगे का अनुसंधान में मदद मिल रही है. गिरफ्तार भारतीय एजेंटों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि वह इस धंधे में पिछले एक साल से जुड़ा हुआ है लेकिन जांच टीम को पूरा भरोसा है कि यह गतिविधि काफी सालों से इन इलाकों में गुपचुप तरीके से चल रही है. कहते हैं कि भारत-नेपाल सीमा पर गाहे-बगाहे जांच के दौरान पुलिस को कैश भी बरामद हुए हैं लेकिन लेकिन यह कैश कहां से आया और कहां जाना है, इसकी भनक किसी को नहीं लग पायी.

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जवानों के लिए चुनौती बनी है खुली सीमा

गौरतलब है कि भारत-नेपाल की सीमा की सुरक्षा की जवाबदेही सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को सौंपी गयी है. लेकिन खुली सीमा होने की वजह से जवानों को एक-साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि सुरक्षा की दृष्टि से सीमावर्ती यह इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है. भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा तस्करों के लिए हमेशा मुफीद साबित होती रही है. यह अलग बात है कि एसएसबी के जवानों की तैनाती के बाद इसमें काफी कमी आयी है लेकिन अभी भी चोरी-छिपे यह गतिविधि आज भी जारी है.

अयोध्या कनेक्शन की जांच कर सकती है एजेंसियां

बता दें कि पूर्णिया पुलिस ने जब अररिया के रहने वाले तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. पाकिस्तान का एक नेटवर्क पूरे खेल को अंजाम दे रहा है. नेपाल के बैंकों में खाते खुलवाकर उसमें पाकिस्तान से पैसे भेजे जाते हैं. उसके बाद भारतीय हैंडलर इस पैसे को भारत में एक्सचेंज कराता है और फिर इसे देश के कई राज्यों में अलग-अलग बैंक खातों में भेजा गया.जांच में पता चला कि 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन पाकिस्तान ने भारत में बीते एक साल में कराया है और इसमें 70 प्रतिशत से अधिक पैसे फैजाबाद के खातों में भेजे गए. जिसके बाद अब इसके अयोध्या कनेक्शन की भी जांच हो सकती है.

कैसे हुआ था इस मामले का खुलासा

एसपी आमिर जावेद ने बताया कि बीते एक दिसंबर को एक व्यक्ति का मोबाइल गुम हो गया था. उसने थाना आकर शिकायत की और बताया कि गुम हुए मोबाइल में पे फोन है. अनुसंधान के क्रम में गुम हुए इस मोबाइल को बरामद किया गया. बरामद मोबाइल के माध्यम से पता चला कि पे फोन से फ्लिप कार्ड के द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग की गयी है. जब इस साइबर फ्रॉड की गहराई से जांच की गयी तो अनुसंधान के क्रम में जलालगढ़ के पास से तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जो सभी अररिया जिले के रहनेवाले हैं. तीनों के क्रिया-कलापों की जब बारीकी से जांच की गयी तो पाकिस्तानी हैंडलर से कनेक्शन का पता चला.

किशनगंज से जुड़ा खाता भी किया जा रहा फ्रीज

पूर्णिया पुलिस पाकिस्तानी फंडिंग मामले की तहकीकात में जुटी है. जांच टीम को नोएडा स्थित एक बैंक एकाउंट का पता लगने के बाद अब एक और खाता हाथ लगी है. यह खाता किशनगंज से जुड़ा है. पूरी जांच पड़ताल के बाद इस खाते को फ्रीज किया जायेगा.

कौशल किशोर कमल, डीएसपी साइबर पुलिस

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