भले हीं आधा पेट खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए- प्रशांत किशोर

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 22 Jun 2024 5:30 PM

विज्ञापन

भले हीं आधा पेट खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए- प्रशांत किशोर

NEET Paper Leak News: नीट पेपर लीक मामले में जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. कहा कि भले हीं आधा पेट खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए. वही हथियार है, पढ़ाई से ही जीवन सुधरेगा. उन्होंने लोगों से कहा कि कोई नेता आपको ये बात बताने नहीं आएगा.

विज्ञापन

NEET Paper Leak News: नीट पेपर लीक मामले में जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. शनिवार (22 जून) को पीके ने अपने जारी किए गए बयान में नीट परीक्षा में हुई धांधली और बिहार और बिहार से जुड़े लोगों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऑर्केस्ट्रा देखना छोड़ बिहार में जिस दिन 10 हजार लोगों की भीड़ स्कूल के सामने खड़ी होगी उस दिन बिहार का बच्चा कलेक्टर बनेगा.

प्रशांत किशोर ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भले हीं आधा पेट खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए. वही हथियार है, पढ़ाई से ही जीवन सुधरेगा. उन्होंने लोगों से कहा कि कोई नेता आपको ये बात नहीं बताएगा. अगर आपके चार बच्चे हैं, आप बहुत गरीब हैं, खाने को भी नहीं है लेकिन उसमें से एक बच्चे को भी पढ़ाइए लेकिन पढ़ाइए.

‘मजदूरी कीजिए लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाइए’

प्रशांत किशोर ने कहा कि आधा पेट खाना खाइए या मत खाइए, मजदूरी कीजिए लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाने से मत चूकिए उसे जरूर पढ़ाइए. इसी से आपका जीवन सुधरेगा और बच्चों का भविष्य. उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा पढ़-लिखकर निकल गया तो पूरे परिवार को गरीबी से बाहर निकाल देगा. नहीं पढ़ाइएगा तो जीवन भर आपके बच्चों को खिचड़ी खानी पड़ेगी, मजदूरी करना पड़ेगा और आपको नाली-गली के लिए, पांच किलो अनाज के लिए नेताओं के सामने भीख मांगनी पड़ेगी.

प्रशांत किशोर ने सभा में आए लोगों से दावा करते हुए कहा कि आप में से कोई भी आदमी ऐसा नहीं है जो ये देखने के लिए विद्यालय में गया हो कि आपका बच्चा पढ़ रहा है या नहीं. वहां शिक्षक पढा रहे हैं या नहीं. आज अगर ऑर्केस्ट्रा, नाच आ जाए तो पूरे जवार के दस हजार आदमी वो देखने के लिए चले जाएंगे.वहां भीड़ लगा देंगे.

आपको नाच देखने का समय है ? भारत, पाकिस्तान, पुलवामा आपको समझ में आ रहा है, हिंदू-मुसलमान करने की समझ है लेकिन अपने बच्चों की बर्बादी नहीं दिख रही है. अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कभी किसी अधिकारी के कार्यालय के सामने भीड़ नहीं लगाए हैं आपलोग लेकिन ऑर्केस्ट्रा के पीछे भीड़ लग जाएगी.

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन