अंचल कार्यालय का कामकाज ठप

मेसकौर में राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
मेसकौर में राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू 15 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन, दाखिल-खारिज से लेकर प्रमाणपत्र निर्गमन तक सभी कार्य प्रभावित प्रतिनिधि, मेसकौर. मेसकौर अंचल के राजस्व कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से अंचल व राजस्व कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. जमीन से जुड़े कार्यों को लेकर कार्यालय पहुंचे लोगों को बिना काम कराये ही लौटना पड़ रहा है. दिनभर अंचल परिसर में भटकते रहे फरियादी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशान नजर आये. बताया जाता है कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ, पटना के आह्वान पर नौ फरवरी से मेसकौर अंचल के सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारी 15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं एवं विशेष शिविर भी प्रभावित हो रहे हैं. अंचल कार्यालय में राजस्व से संबंधित सभी कार्य पूर्णतः ठप हो गये हैं. दाखिल-खारिज, परिमार्जन, फार्मर रजिस्ट्री, निवास, जाति एवं आय प्रमाणपत्र सहित अन्य सेवाएं बाधित हो गयी हैं. भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा एक वर्ष पूर्व दिये गये आश्वासन के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने से कर्मचारियों में काफी नाराजगी है. मांगों के समाधान को लेकर वे नौ फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. प्रभारी सीओ अश्वनी कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. राजस्व कर्मचारी गौरव कुमार, शंकर कुमार, संजीत कुमार, संपूर्णानंद सहित दर्जनों कर्मियों ने बताया कि बीते वर्ष राजस्व कर्मचारी एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव के बीच हुए समझौते के अनुरूप अब तक विभाग ने एक भी मांग पूरी नहीं की है. अब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों उनके कार्यभार में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है. एक-एक कर्मचारी को तीन से चार हलका का अतिरिक्त प्रभार, अंचल निरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार तथा अन्य विभागों के कार्यों में प्रतिनियुक्ति दी जा रही है. साथ ही अकारण वेतन रोकने एवं निलंबन जैसी कार्रवाई की धमकी भी दी जाती है. राजस्व कर्मचारियों ने बताया कि मई 2025 में भी नवनियुक्त कर्मचारी हड़ताल पर गये थे. उस समय सरकार ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त करायी थी, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. इनकी प्रमुख मांगें मांगों में गृह जिला में पदस्थापन, वेतनमान 1900 से बढ़ाकर 2800 करने, सेवा संपुष्टि, अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार हटाने, रिक्त पदों पर बहाली, सुरक्षा की गारंटी, संवर्ग परिवर्तन पर रोक, बायोमेट्रिक उपस्थिति से मुक्ति, कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता में छूट, एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ, लंबित विभागीय कार्रवाई से मुक्ति, शोषण पर रोक, विभाग में राजस्व कर्मचारी के पद की सुरक्षा, ऑनलाइन कार्य के लिए उपकरण एवं रिचार्ज की सुविधा, क्षेत्र भ्रमण के लिए मोटरसाइकिल उपलब्ध कराना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, विभागीय पत्रों का अनुपालन तथा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति देने जैसी मांगें शामिल हैंं
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