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जिले में 87.604 हेक्टेयर धान की होगी रोपनी

Updated at : 27 Jun 2025 11:25 PM (IST)
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जिले में 87.604 हेक्टेयर धान की होगी रोपनी

जिले में हुई अच्छी बारिश से कृषि के लिए लाभदायक

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नवादा नगर. जिले में इस साल माॅनसून की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ हुई है. पूरे जिले में अब तक अच्छी माॅनसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. इससे किसानों में खुशी है. धनरोपनी के लिए अनुकूल मौसम हो गया है. जिले में वर्ष 87,604.4 हेक्टेयर धनरोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. धनरोपनी के लिए किसान बिचड़ा डालने में जुट गये है. वर्तमान मौसम को देखते हुए यह लक्ष्य प्राप्त करने की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं. बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आयी है. प्रतिदिन हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. इससे मौसम भी सुहावना बना हुआ है. जिले में शहर सहित आसपास के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गयी. इससे कुछ निचले इलाके में जलजमाव हो गया है. शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या सामने आयी है. लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह बारिश खेती-बारी के लिए वरदान साबित हो रहा है. विशेष रूप से धान की रोपनी की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह मौसम पूरी तरह से अनुकूल बन गया है. कृषि्र व भू-जल स्तर को मिल रही मजबूती कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय की बारिश न केवल धान की रोपनी के लिए जरूरी है. बल्कि, यह भू-जलस्तर को भी बेहतर बनाने में सहायक है. जिले में सामान्यतः मई महीने से बारिश की शुरुआत हो जाती है और जून में माॅनसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है. इस साल भी वही परिपाटी देखने को मिली है. जून में सामान्य वर्षापात, जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद कृषि विभाग के मौसम वैज्ञानिक रोशन कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में जून महीने का औसत वर्षापात 134.6 मिलीमीटर अनुमानित है. इस वर्ष 25 जून तक जिले में 134.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. चूंकि, जून के अभी दो दिन शेष हैं व 28 जून से लगातार बारिश होने की संभावना है. ऐसे में जून का कुल वर्षापात औसत से ऊपर जाने की संभावना प्रबल हो गयी है. साथ ही जुलाई महीने में भी अच्छी बारिश की संभावना जतायी गयी है. हालांकि, मौसम बैज्ञानिक रोशन कुमार का यह भी कहना है कि धान की अच्छी रोपनी के लिए कम से कम 1000 मिमी बारिश जरूरी होती है. अभी तक की बारिश इस मानक के अनुरूप नहीं मानी जा सकती, लेकिन अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर हो सकती है. जिले में वर्षा मापी यंत्रों की कमी जिले में बारिश की माप के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. पंचायत स्तर पर अब तक वर्षा मापी यंत्र नहीं लगाये गये हैं. केवल प्रखंड स्तर पर कुछ स्थानों पर ही ऐसे यंत्र मौजूद हैं, जिनके आधार पर आंकड़े जुटाये जाते हैं. ऐसे में वर्षा की सटीक जानकारी जुटाने में बाधाएं आती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि हर पंचायत स्तर पर वर्षा मापी यंत्र लगाने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय स्तर पर भी मौसम की निगरानी और योजना बनाना संभव हो सके. बारिश से अनुकूल होगी हालात कृषि विज्ञान केंद्र, सोखोदेवरा के मौसम वैज्ञानिक रोशन कुमार के अनुसार, 28 जून से जिले में फिर से अच्छी बारिश होने की संभावना है. आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और पूर्वी दिशा से 10-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. प्रखंडवार अब तक की वर्षा (मिमी में) गोविंदपुर: 169.6 मिमी अकबरपुर: 202.0 मिमी काशीचक: 52.8 मिमी हिसुआ: 129.4 मिमी नारदीगंज: 165.4 मिमी मेसकौर: 114.0 मिमी नरहट: 107.2 मिमी नवादा (मुख्यालय): 128.6 मिमी पकरीबरामा: 132.2 मिमी रजौली: 166.6 मिमी रोह: 80.4 मिमी सिरदला: 106.2 मिमी वारिसलीगंज: 68.0 मिमी इस प्रकार जिला में इस बार की माॅनसूनी वर्षा से लाभान्वित होता दिख रहा है. किसानों को यदि इसी प्रकार अनुकूल मौसम मिलता रहा, तो धान की खेती और भूजल स्तर दोनों में संतोषजनक सुधार देखने को मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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