नालंदा विवि के दीक्षांत समारोह में शाहरुख की पुस्तक ‘स्कैटर’ पुस्तक का लोकार्पण
Published by : VISHAL KUMAR Updated At : 19 May 2026 6:13 PM
युवा फोटोग्राफर शाहरुख और जोएल गुहा ने संयुक्त रूप से लिखी है पुस्तक
कविता व फोटोग्राफी के माध्यम से भावनाओं व अनुभवों की अभिव्यक्त करती है किताब युवा फोटोग्राफर शाहरुख और जोएल गुहा ने संयुक्त रूप से लिखी है पुस्तक फोटो कैप्शन- लोकार्पण समारोह में शामिल अधिकारी व अन्य प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित तीसरे दीक्षांत-स्नातकोत्सव समारोह के दौरान नारदीगंज के युवा फोटोग्राफर शाहरुख दावर खान और उनकी सहपाठी जोएल गुहा की पुस्तक ‘स्कैटर’ का लोकार्पण कुलपति प्रोफेसर डॉ सचिन चतुर्वेदी ने किया. इस पुस्तक में जोएल गुहा की कविताओं के साथ नारदीगंज के शाहरुख दावर खान की तस्वीरों को शामिल किया गया है. दोनों रचनाकारों ने बताया कि यह पुस्तक कविता और फोटोग्राफी के माध्यम से भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करने का प्रयास है. जोएल की कविताएं स्त्री जीवन, संघर्ष, स्मृति व आत्मपहचान जैसे विषयों को सामने लाती हैं, वहीं शाहरुख की तस्वीरें उन्हीं भावों को दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती हैं. उन्होंने कहा कि तस्वीरें कविताओं का सीधा अनुवाद नहीं, बल्कि उनके भावार्थ और प्रतीकों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति हैं. प्रकाशन, योगदान और लेखक परिचय जोएल गुहा विश्व साहित्य विषय में नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर कर चुकी हैं. इससे पहले भी पुस्तक लेखन कर चुकी हैं. ‘स्कैटर’ उनकी तीसरी पुस्तक है. इसका प्रकाशन कोलकाता स्थित प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था दास गुप्ता एंड कंपनी द्वारा किया गया है, जिसकी स्थापना वर्ष 1886 में हुई थी. पुस्तक में वरिष्ठ मराठी साहित्यकार संजय पावर, जोधपुर निवासी वरिष्ठ फोटोग्राफर प्रोफेसर शिवनारायण जोशी ‘शिवजी’, लाइफस्टाइल फोटोग्राफर रवि ढींगरा तथा लेखक चेतनानंद सिंह की टिप्पणियों को भी शामिल किया गया है. नवादा की माही राज को भी मिला स्थान किताब के कवर और अंदर प्रकाशित कई तस्वीरों में नवादा की माही राज को स्थान दिया गया है. पुस्तक में उनकी एक भावुक तस्वीर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करती है, जिसमें वह अपने कठिन दौर को याद करते हुए दिखाई देती हैं. माही राज को ‘मिस नवादा 2023’ का खिताब मिल चुका है. उनके माता-पिता वर्षा रानी और सुमन कुमार ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिभा को पुस्तक का चेहरा बनाया जाना सुखद है. कुलपति व अन्य अतिथियों की प्रतिक्रिया कुलपति प्रोफेसर डॉ सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से तैयार पुस्तक की सराहना की. कार्यक्रम में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रोफेसर सच्चिदानंद मिश्रा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के मिशन डायरेक्टर मयंक शेखर, प्रो डी वेंकट राव, प्रो गोदावरीश मिश्रा, वरिष्ठ इतिहासकार करमतेज सिंह सराओ, डॉ मीर इस्लाम, डॉ श्रीशा उडुपा, डॉ पूजा डबराल, डॉ तोसाबंता पधान, डॉ स्मिता, डॉ एलोरा तथा डॉ प्रांशु समदर्शी समेत विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद थे. जोएल गुहा ने बताया कि यह पुस्तक दुकानों के अलावा ऑनलाइन मंच अमेजन पर भी उपलब्ध होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










