‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ को लेकर किशोरियों के बीच प्रतियोगिता, सफल प्रतिभागी सम्मानित

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प्रतिभागी को सम्मानित करते सीडीपीओ व अन्य

Nawada News : वारिसलीगंज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रतियोगिता का आयोजन. सीडीपीओ नेहा कुमारी ने बाल विवाह रोकने और बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश दिया.

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Nawada News : वारिसलीगंज प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय के सभागार में सोमवार को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ विषय पर किशोरियों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. समाज कल्याण विभाग के महिला एवं बाल विकास विभाग के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम का संचालन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) नेहा कुमारी की देखरेख में किया गया. प्रतियोगिता में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंची किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

मेहंदी और पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखायी प्रतिभा

कार्यक्रम के दौरान किशोरियों के बीच मेहंदी, पेंटिंग सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं. प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली किशोरियों को सीडीपीओ नेहा कुमारी ने मेडल आदि देकर सम्मानित किया.

बेटियों को सशक्त बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम के बाद सीडीपीओ नेहा कुमारी ने किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों के अस्तित्व की रक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को सशक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि बेटियों को अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकें.

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मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की दी जानकारी

सीडीपीओ ने उपस्थित किशोरियों को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने योजना से मिलने वाले लाभ और बेटियों के सशक्तीकरण के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही विभिन्न पहलों के बारे में बताया. उन्होंने किशोरियों को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया.

बाल विवाह सामाजिक कुरीति के साथ कानूनन अपराध

सीडीपीओ ने कहा कि बाल विवाह सिर्फ सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि कानूनन अपराध भी है. बाल विवाह का बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसकी भरपाई जीवनभर संभव नहीं होती. उन्होंने किशोरियों से स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए बाल विवाह का बहिष्कार करने की अपील की.

प्रधान लिपिक समेत अन्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रधान लिपिक रिंकी कुमारी सहित अन्य कर्मी एवं लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया.

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Bipin Kumar

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