नवादा : सहयोग शिविर में भी फिसलते हुए पहुंचे लोग, बिना सड़क बन गई सरकारी भवनें

Author Kr manish dev|Edited by Sakshi Kumari
Updated:
विज्ञापन
करोड़ों की लागत से बने पंचायत भवन और पशु चिकित्सालय तक नहीं है सड़क, कीचड़ में फिसलकर आते हैं ग्रामीण

कीचड़नुमा रास्ते से गुजरते ग्रामीण

नवादा में करोड़ों की लागत से बने पशु चिकित्सालय और पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी कीचड़ और पगडंडी का सहारा लेना पड़ रहा है. बारिश में रास्ता दलदल बन जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है.

विज्ञापन

Nawada Road News : सरकारी योजनाओं और इंजीनियरिंग की लापरवाही का जीता-जागता नमूना रजौली प्रखंड के अंधरवारी पंचायत में देखने को मिल रहा है. यहां करोड़ों रुपये की लागत से बना प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय और पंचायत सरकार भवन तो तैयार हो गया, लेकिन इन भवनों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी पगडंडी और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है.

दलदल में बदला रास्ता

विकास के नाम पर बनी ये दोनों सरकारी इमारतें मुख्य मार्ग से महज 500 मीटर की दूरी पर हैं. लेकिन इस 500 मीटर की दूरी को तय करना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. बारिश होते ही पूरा रास्ता दलदल में बदल जाता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.

सहयोग शिविर में फिसले लोग, प्रतिनिधि ने बिछाए ईंट के टुकड़े

बीते मंगलवार को पंचायत भवन में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था. इसमें शामिल होने आए ग्रामीण अरविंद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, रामबिलास प्रसाद, पिंकी देवी, गुड़िया देवी समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि वे कीचड़नुमा और फिसलनदार कच्चे रास्ते से होते हुए भवन तक पहुंचे. इस दौरान कई लोग फिसलकर गिर भी गए. ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि पंचायत कर्मी और पदाधिकारी भी अपनी बाइक और कार को मुख्य सड़क पर ही ग्रामीणों के घर के पास खड़ा करके पैदल भवन तक आते हैं. सड़क नहीं होने के कारण आम ग्रामीण भी पंचायत भवन आने से कतराते हैं. सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि को मजबूरी में ईंट के टुकड़े बिछवाने पड़े, तब जाकर किसी तरह लोगों का आना-जाना संभव हो पाया.

अनपढ़ भी पहले रास्ता बनाता है

ग्रामीणों का दर्द साफ झलक रहा था. ग्रामीणों ने कहा कि "एक गरीब अनपढ़ व्यक्ति भी जब घर बनाता है तो सबसे पहले रास्ते के बारे में सोचता है. लेकिन सरकार ने करोड़ों खर्च करके भवन तो बना दिया, लेकिन वहां तक जाने के लिए रास्ते का इंतजाम नहीं किया. ग्रामीणों ने बताया कि पशु चिकित्सालय में इलाज के लिए पशुओं को लाना-ले जाना भी इसी कीचड़ से होकर पड़ता है. बीमार पशुओं को कंधे पर ढोकर लाने की नौबत आ जाती है.

हरदिया में अच्छा रास्ता भी किया गया खराब

ग्रामीणों ने हरदिया की स्थिति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वहां बनी हुई पीसी सड़क के ऊपर ही मिट्टी का भराव कर दिया गया, जिससे अच्छी सड़क भी खराब हो गई. एक तरफ सड़क खराब की जा रही है तो दूसरी तरफ भवनों तक सड़क बनाई ही नहीं जा रही. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से मांग की है कि अंधरवारी पंचायत भवन और पशु चिकित्सालय तक अविलंब पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके. इस संबंध में बीपीआरओ हरिमोहन कुमार ने फंड की उपलब्धता पर सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है.

Also Read : दो दिन की बारिश में 'वाटर पार्क' बनी नवादा की सड़कें, हर तरफ जलजमाव, नए रोड भी टूटे


विज्ञापन
Kr Manish Dev

लेखक के बारे में

By Kr Manish Dev

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन