दो दिन की बारिश में 'वाटर पार्क' बनी नवादा की सड़कें, हर तरफ जलजमाव, नए रोड भी टूटे

सड़क पर जलजमाव की तस्वीर
Nawada Rain Waterlogging : नवादा की सड़कें दो दिनों की बारिश में ही वाटर पार्क बन गईं, जहां गड्ढों और कीचड़ की मुफ्त सवारी मिल रही है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नगर परिषद की तैयारियां पहली ही बारिश में धरी की धरी रह गईं.
Nawada Rain Waterlogging : नवादा में महज दो दिनों की बारिश ने शहर को ऐसा रूप दे दिया कि लोग मजाक में इसे नवादा वाटर पार्क कहने लगे हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि यहां टिकट नहीं लगता, लेकिन हर राहगीर को गड्ढों, कीचड़ और जलजमाव की मुफ्त सवारी जरूर मिल जाती है. करोड़ों रुपये सफाई और विकास कार्यों पर खर्च होने के बावजूद नगर परिषद की तैयारियां पहली ही बारिश में पानी-पानी हो गईं.
दरअसल, शहर की सड़कें तालाब में बदल गईं हैं. नालियां जाम हो गईं हैं और नई-नई बनी सड़कें भी उखड़ने लगीं. सबसे हैरानी की बात यह है कि बारिश होते ही सदर अस्पताल, समाहरणालय परिसर और शहर की प्रमुख सड़कें भी जलमग्न हो जाती हैं. ऐसा लगता है जैसे शहर में सड़कें कम और छोटे-छोटे तालाब ज्यादा बना दिए गए हों. आम लोग सवाल कर रहे हैं कि विकास के नाम पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये आखिर जा कहां रहे हैं.
मार्च में बनी सड़क भी नहीं बची मुख्य सड़क
जिस सड़क का निर्माण मार्च महीने में हुआ था, अब जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. नियमित सफाई नहीं होने से कचरा नालियों को जाम कर रहा है और बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर उसकी परतें उधेड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होती तो नई सड़क इतनी जल्दी नहीं टूटती.
पुरानी स्टेशन रोड: अधूरी सड़क, पूरा खतरा
पुरानी स्टेशन रोड से चौक तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है. हल्की बारिश के बाद पूरी सड़क गड्ढों और जलजमाव से भर गई. पानी में गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे बाइक सवार आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि नगर परिषद और ठेकेदारों की लापरवाही आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है.
नारदीगंज रोड–गोंदापुर: पहली बारिश में खुल गई गुणवत्ता की पोल
नारदीगंज रोड से गोंदापुर तक बनी सड़क भी पहली बारिश की परीक्षा में फेल हो गई. जगह-जगह गड्ढे और जलजमाव ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा अब जनता भुगत रही है.
सब्जी बाजार: हर बरसात में 'तालाब मार्केट'
शहर का सब्जी बाजार हर बारिश में तालाब बन जाता है. दुकानदार और ग्राहक घुटनों तक पानी और कीचड़ से गुजरने को मजबूर हैं. वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान नगर परिषद आज तक नहीं खोज सकी है.
15 दिन पहले बनी सड़क पर भी सवाल
पोस्टमार्टम रोड पर महज 15 दिन पहले हुई पीसीसी ढलाई की गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि शिकायत के बाद उसे तोड़कर दोबारा बनाने का निर्णय लेना पड़ा. लोगों की मांग है कि जिस तरह इस सड़क की जांच हुई, उसी तरह थाना रोड से नारदीगंज रोड होते हुए गोंदापुर तक बनी सड़क की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए.
जनता का सवाल: जिम्मेदार कौन?
लोगों का कहना है कि हर साल बारिश आते ही नगर परिषद सफाई और जलनिकासी के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहली ही बारिश उन दावों को बहाकर ले जाती है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की तस्वीर नहीं बदल रही. यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ हुए होते और नालियों की समय पर सफाई होती, तो नवादा को हर बारिश में "वाटर पार्क " बनने की नौबत नहीं आती. अब शहरवासियों की निगाहें प्रशासन पर हैं कि क्या घटिया निर्माण और लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर अगली बारिश तक यही हालात शहर की नियति बने रहेंगे.
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