नवादा के राजकीय मध्य विद्यालय कोइरी बीघा में अभिभावक संगोष्ठी, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 30 May 2026 3:54 PM

विज्ञापन

पेरेंट्स- टीचर मीटिंग

Nawada News: नवादा के अकबरपुर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय कोइरी बीघा में शनिवार को समर वेकेशन से पूर्व अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन हुआ. प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार नलिन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में बिहार प्राथमिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा की गई. एचएम ने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने, रोज एक घंटे पढ़ाने और गृहकार्य पूरा कराने में सहयोग करने की अपील की. मौके पर शैलेश प्रसाद, बबलू कुमार और मधु देवी समेत कई अभिभावक मौजूद थे.

विज्ञापन

Nawada News (अनाल कुमार): गर्मी की छुट्टियों (समर वेकेशन) की शुरुआत से ठीक पहले शनिवार, 30 मई को अकबरपुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, कोइरी बीघा में एक महत्वपूर्ण अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. प्राथमिक शिक्षा विभाग, बिहार के निदेशक से प्राप्त निर्देश के आलोक में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार नलिन ने की. इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समर वेकेशन के दौरान बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, उनके भावनात्मक कल्याण को बनाए रखना तथा शैक्षणिक विकास में माता-पिता व अभिभावकों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना था.

मोबाइल-टीवी से दूरी और रोज एक घंटे की पढ़ाई बेहद जरूरी: प्रधानाध्यापक

संगोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार नलिन ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के भविष्य को संवारने में विद्यालय और अभिभावक दोनों की समान व बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है. उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे घर पर प्रतिदिन कम-से-कम एक घंटे तक बच्चों को अपनी निगरानी में पढ़ाने के लिए समय जरूर निकालें. इसके साथ ही रोज 15 से 20 मिनट तक बच्चों को बोल-बोलकर (सस्वर) पढ़ने के लिए प्रेरित करें.

उन्होंने आधुनिक दौर की सबसे बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों में मोबाइल फोन और टीवी के अत्यधिक उपयोग को हर हाल में सीमित रखा जाए. इसकी जगह माता-पिता बच्चों के साथ नियमित रूप से दोस्ताना संवाद स्थापित करें तथा उन्हें रचनात्मक व घरेलू गतिविधियों में भाग लेने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते रहें.

गृहकार्य और कॉपियों की नियमित जांच से सुधरेगा बच्चों का शैक्षणिक स्तर

अभिभावकों को सीख: प्रधानाध्यापक नलिन ने माता-पिता को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि केवल स्कूल के भरोसे बच्चों को छोड़ देना बुद्धिमानी नहीं है. अभिभावक नियमित रूप से बच्चों की किताब-कॉपी की जांच करें तथा समर वेकेशन के दौरान विद्यालय से मिलने वाले गृहकार्य (होमवर्क) को समय पर पूरा कराने में उनका सहयोग दें. ऐसा करने से बच्चों के भीतर पढ़ाई के प्रति रुचि बनी रहेगी और छुट्टियों के बाद जब स्कूल खुलेंगे, तो उनका शैक्षणिक स्तर और बेहतर नजर आएगा. उन्होंने साफ कहा कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से ही बच्चों का उज्जवल भविष्य निर्मित हो सकता है.

सैकड़ों अभिभावकों ने साझा किए विचार, ये लोग रहे मुख्य रूप से उपस्थित

इस संगोष्ठी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों में काफी उत्साह देखा गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माता-पिता ने भाग लिया तथा बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, अनुशासन और उनके मानसिक तनाव को दूर करने से जुड़े विभिन्न गंभीर विषयों पर अपने-अपने बहुमूल्य विचार व सुझाव साझा किए.

इस खास अवसर पर शैलेश प्रसाद गुप्ता, बबलू कुमार, मधु देवी, सरस्वती देवी, इंदु देवी, पिंकी कुमारी, भारती देवी, रूपा कुमारी और पप्पू विश्वकर्मा समेत भारी संख्या में अन्य स्थानीय अभिभावक, प्रबुद्ध नागरिक तथा विद्यालय के शिक्षक गण मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

Also Read : बिहार के मजदूर की हरियाणा में मौत या साजिश? न्याय दिलाने सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग

विज्ञापन
Aditya Kumar Ravi

लेखक के बारे में

By Aditya Kumar Ravi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन