नवादा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता शिविर, छात्राओं को मिले सेहत के गुर
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 28 May 2026 3:12 PM
माहवारी स्वच्छता दिवस पर मौजूद लोग
Nawada News: नवादा के अकबरपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार की देखरेख में स्वास्थ्य टीम ने छात्राओं को सैनिटरी पैड के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता और भ्रांतियों को दूर करने की जानकारी दी. कार्यक्रम में बीएचएम विजय कुमार पासवान और पॉपुलेशन फंड मैनेजर शीला सहित कई कर्मी उपस्थित थे.
Nawada News (अनिल कुमार): माहवारी स्वच्छता दिवस के विशेष अवसर पर गुरुवार को नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को माहवारी (मासिक धर्म) के दौरान स्वच्छता, बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन और उचित पोषण के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं के मन से मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़िवादी भ्रांतियों और संकोच को दूर किया.
माहवारी एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया, संकोच छोड़ स्वास्थ्य संबंधी बातें करें साझा
शिविर को संबोधित करते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों ने छात्राओं को बताया कि माहवारी कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से प्राकृतिक एवं सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है. इस दौरान लापरवाही बरतने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं को स्वच्छ सैनिटरी पैड के सही उपयोग, समय-समय पर (हर 4-6 घंटे में) पैड बदलने, व्यक्तिगत शारीरिक स्वच्छता बनाए रखने तथा विभिन्न प्रकार के संक्रमण (इंफेक्शन) से बचाव के उपायों की विस्तृत व तकनीकी जानकारी दी.
चिकित्सा पदाधिकारी का वक्तव्य: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता समाज में अत्यंत आवश्यक है. सही समय पर सही जानकारी और स्वच्छता के नियमों को अपनाकर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है. उन्होंने छात्राओं को विशेष सलाह दी कि वे बिना किसी हिचकिचाहट या संकोच के अपनी स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को अपने अभिभावकों, शिक्षकों या नजदीकी स्वास्थ्यकर्मियों से जरूर साझा करें.
छात्राओं के सवालों के मिले जवाब, संतुलित आहार और पोषण पर दिया जोर
जागरूकता सत्र के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं व खान-पान को लेकर डॉक्टरों से सीधे सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा बेहद सरल भाषा में निवारण किया गया. कार्यक्रम में किशोरियों को एनीमिया (खून की कमी) से बचने के लिए संतुलित व आयरन युक्त आहार लेने, नियमित स्वच्छता रखने और समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया गया.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में आयोजित इस अनूठी पहल की छात्राओं, वार्डन और विद्यालय प्रबंधन ने मुक्तकंठ से सराहना की तथा इसे किशोरियों के स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद जरूरी कदम बताया. इस सफल आयोजन में पॉपुलेशन फंड मैनेजर शीला, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर (BHM) विजय कुमार पासवान, विद्यालय की वार्डन, विनय कुमार तथा स्थानीय एएनएम (ANM) मुख्य रूप से शामिल रहीं. सभी उपस्थित जनों ने मिलकर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया और एक स्वस्थ व सशक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक सहयोग का संकल्प लिया.
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