अवैध हथियार रखने नवादा कोर्ट का फैसला: पकरीबरावां केस में आरोपी पिंटू चौधरी को 3 साल की सजा, हजारों का जुर्माना

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फोटो  कैप्शन - व्यवहार न्यायालय नवादा का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

व्यवहार न्यायालय नवादा का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

नवादा व्यवहार न्यायालय ने अवैध हथियार रखने के दोषी पिंटू चौधरी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। जानिए पूरा मामला।

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Nawada Court Order : नवादा में अवैध हथियार रखने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है. शुक्रवार को नवादा सदर न्यायालय ने पकरीबरावां थाना क्षेत्र के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त पिंटू चौधरी को सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई. यह फैसला त्वरित अनुसंधान और मजबूत अभियोजन के कारण संभव हो सका, जिसे पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी सफलता माना जा रहा है.

मामला पकरीबरावां थाना कांड संख्या 275/23, दिनांक 22 जून 2023 से जुड़ा है. इस केस में एरुरी गांव निवासी पिंटू चौधरी, पिता महादेव चौधरी को अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पूरे मामले की सुनवाई के बाद सदर न्यायालय की न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुश्री दीक्षा ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई.

दो धाराओं में अलग-अलग सजा, नहीं देने पर बढ़ेगी अवधि

अदालत ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए के तहत अभियुक्त को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है. साथ ही, यदि अभियुक्त जुर्माना नहीं देता है तो उसे दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 26 के तहत भी आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. इस जुर्माने का भुगतान नहीं करने की स्थिति में भी दो माह की अतिरिक्त सजा तय की गई है.

मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी से मिला न्याय

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी अनिल कुमार ने अदालत में ठोस और प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए. पुलिस द्वारा किए गए अनुसंधान में जुटाए गए सबूत और अभियोजन की दलीलों को न्यायालय ने अहम माना. इन्हीं आधारों पर अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई.

पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में संदेश

इस फैसले को लेकर पुलिस महकमे में भी संतोष देखा जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से जांच, पुख्ता साक्ष्य और मजबूत अभियोजन के कारण ही ऐसे मामलों में दोषियों को सजा दिलाना संभव हो पा रहा है. इससे समाज में एक स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध हथियार रखने जैसे अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.


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Ashutosh Kumar

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