नवादा में अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई, छह निजी अस्पतालों पर एफआईआर, पांच गिरफ्तार

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नगर थाना में देर रात दर्ज की गयी प्राथमिकी | Prabhat Khabar Network

नगर थाना में देर रात दर्ज की गयी प्राथमिकी | Prabhat Khabar Network

नवादा जिले में प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले छह निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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Nawada News : नवादा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ नवादा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. शहर के छह निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के संचालकों, प्रबंधकों तथा चिकित्सकों के विरुद्ध नगर थाना कांड संख्या 786/26 दर्ज कराई गई है. जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिला प्रशासन ने कहा कि अधिकांश अस्पताल बिना निबंधन संचालित हो रहे थे और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में मरीजों का जीवन खतरे में डाला जा रहा था.

डीएम के आदेश पर हुई संयुक्त छापेमारी

जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग और एसडीपीओ हुलास कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने 30 जुलाई को हरिश्चंद्र स्टेडियम रोड और पुरानी जेल रोड स्थित छह निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया. टीम में बीडीओ, प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी और नगर थानाध्यक्ष भी शामिल थे.

जांच में खुली गंभीर लापरवाही

निरीक्षण के दौरान अधिकांश अस्पताल बिना सरकारी निबंधन के संचालित मिले. कई अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और सर्जन की अनुपस्थिति के बावजूद ऑपरेशन और प्रसव कराए जा रहे थे. अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, ऑक्सीजन सिलेंडर, फार्मासिस्ट और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी नहीं मिलीं. कई वार्डों में गंदगी, खराब वेंटिलेशन और शौचालय की बदहाल व्यवस्था पाई गई.

आरोग्यम हॉस्पिटल में नवजात की मौत का मामला

आरोग्यम हॉस्पिटल में जांच के दौरान भर्ती महिला ने टीम को बताया कि प्रसव के दौरान उसके नवजात की मौत हो गई थी. निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला. प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल के प्रबंधक पंकज कुमार को गिरफ्तार कर अस्पताल को सील कर दिया.

अन्य अस्पतालों में भी मिलीं गंभीर अनियमितताएं

डॉ. रवि केयर हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सक के बिना प्रसव कराए जाने, एंजल मैटरनिटी हॉस्पिटल में एनेस्थेटिस्ट की अनुपस्थिति, अमृत हॉस्पिटल में चिकित्सकों के गायब रहने, चौधरी एंड गिरजा ट्रॉमा सेंटर में बिना डॉक्टर इलाज जारी रहने तथा जनजीवन इमरजेंसी अस्पताल में ऑक्सीजन सहित कई आवश्यक सुविधाओं के अभाव का खुलासा हुआ.

पांच गिरफ्तार, छह अस्पतालों पर प्राथमिकी

कार्रवाई के दौरान आरोग्यम हॉस्पिटल के प्रबंधक पंकज कुमार, डॉ. रवि केयर हॉस्पिटल के प्रबंधक रविशंकर कुमार, कर्मचारी राजकरण, चौधरी एंड गिरजा ट्रॉमा सेंटर के प्रबंधक सन्नी कुमार उर्फ रंजन कुमार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. नगर थाना कांड संख्या 786/26 में छह अस्पतालों के संचालकों, प्रबंधकों और संबंधित चिकित्सकों को नामजद किया गया है.

कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों में लटके ताले

प्रशासन की कार्रवाई के बाद शहर के कई निजी अस्पताल और क्लीनिक बंद रहे. बिना निबंधन संचालित संस्थानों ने जांच के डर से अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले, जबकि वैध निबंधन और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं वाले अस्पतालों में सामान्य रूप से इलाज जारी रहा.

सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़

निजी अस्पताल बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में मरीज सदर अस्पताल पहुंचे. ओपीडी, इमरजेंसी और प्रसूति वार्ड में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि शहर के अन्य निजी अस्पतालों की भी जांच जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.


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