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खरमास समाप्त होते ही मांगलिक कार्यों की लौटी रौनक

Updated at : 18 Jan 2026 4:00 PM (IST)
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खरमास समाप्त होते ही मांगलिक कार्यों की लौटी रौनक

NAWADA NEWS.खरमास की समाप्ति के साथ ही मेसकौर प्रखंड के घर-आंगन में एक बार फिर मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आयई है. बीते एक महीने से शुभ कार्यों पर लगी रोक हटते ही लोग वर-वधू की तलाश, तिलक व विवाह की तिथियां तय करने ‌व रिश्तेदारों से संपर्क साधने में जुट गये हैं.

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मेसकौर प्रखंड में विवाह व अन्य शुभ आयोजनों की तैयारी तेज

चार फरवरी से शुरू होंगे विवाह के लग्न

प्रतिनिधि, मेसकौर

खरमास की समाप्ति के साथ ही मेसकौर प्रखंड के घर-आंगन में एक बार फिर मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आयई है. बीते एक महीने से शुभ कार्यों पर लगी रोक हटते ही लोग वर-वधू की तलाश, तिलक व विवाह की तिथियां तय करने व रिश्तेदारों से संपर्क साधने में जुट गये हैं. हालांकि शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण अभी विवाह आयोजन के लिए लोगों को तीन फरवरी तक प्रतीक्षा करनी होगी. चार फरवरी से शुक्र के उदय के साथ ही विवाह के शुभ लग्न पुनः प्रारंभ हो जायेंगे. ज्योतिषाचार्य सीताराम पाठक और नरेश पाठक के अनुसार खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में रहते हैं, जिस कारण विवाह सहित अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो गया है. इसके साथ ही नामकरण, मुंडन, तिलक, सगाई और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो चुकी है. कई परिवारों ने जनवरी के दूसरे पखवारे में ही गोद भराई एवं अन्य पारिवारिक आयोजनों की तिथियां तय कर ली हैं.

शहर से गांव तक बढ़ी चहल-पहल

वैवाहिक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चहल-पहल बढ़ने लगी है. रिश्तेदारों से फोन पर बातचीत, पंडितों से कुंडली मिलान और शुभ तिथि और दिन तय करने की प्रक्रिया तेज हो गयी है. पं. सिद्धनाथ पांडेय ने बताया कि एक महीने के ठहराव के बाद अब सभी मांगलिक कार्य एक साथ शुरू हो रहे हैं. ऐसे में फरवरी और मार्च के महीनों में शादियों की संख्या अधिक रहने की संभावना है.

4 फरवरी से शुरू होंगे विवाह के लग्न

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र ग्रह एक फरवरी तक अस्त अवस्था में रहेंगे, इस कारण इस अवधि में विवाह का आयोजन नहीं किया जायेगा. 4 फरवरी से शुक्र के उदय के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जायेंगे. इसके बाद फरवरी और मार्च में कई तिथियों पर पारंपरिक शादियों के साथ-साथ सामूहिक विवाह समारोहों के आयोजन की भी संभावना है.

बाजारों में भी लौटने लगी रौनक

खरमास समाप्त होते ही बाजारों में भी रौनक लौट आयी है. कपड़े, आभूषण, फर्नीचर, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. व्यापारियों को उम्मीद है कि फरवरी से अप्रैल तक चलने वाले मांगलिक सीजन में बिक्री में अच्छा उछाल देखने को मिलेगा.

ये कार्य हुए फिर शुरू

वर-वधू की तलाश और रिश्ते तय करने की प्रक्रिया तेज

कुंडली मिलान और पंडितों से शुभ तिथियों पर विचार-विमर्श

तिलक, सगाई, गोद भराई और गृह प्रवेश के कार्यक्रम तय

शादी से जुड़े कपड़े, जेवर और अन्य सामान की खरीदारी शुरू

मैरिज हॉल, कैटरर व अन्य बुकिंग में बढ़ोतरी

विवाह के प्रमुख मुहूर्त

फरवरी . 03, 04, 05, 06, 08, 10, 12, 13, 18, 19, 20, 21, 24, 25

मार्च . 02, 03, 05, 07, 09

अप्रैल . 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30

मई . 01, 03, 05, 06, 07, 11, 12, 14

जून . 19, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 29, 30

जुलाई . 01, 05, 06, 07, 11

नवंबर . 20, 21, 24, 25, 26, 30

दिसंबर . 01, 02, 03, 04, 09, 10

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VISHAL KUMAR

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By VISHAL KUMAR

VISHAL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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