खुरी नदी पुल चालू होते ही स्मूथ होगी ट्रैफिक व्यवस्था
Updated at : 19 Jan 2017 8:30 AM (IST)
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जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा समस्याओं को चिह्नित करने में जुटा प्रशासन सड़क पर दुकान लगाने से संकरी हुईं सड़कें नवादा कार्यालय : जिला प्रशासन मुख्यालय को व्यवस्थित करने की योजना बनायी जा रही है. दो दशकों में शहर की आबादी में कई गुणा इजाफा हुआ है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण शहर को […]
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जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा
समस्याओं को चिह्नित करने में जुटा प्रशासन
सड़क पर दुकान लगाने से संकरी हुईं सड़कें
नवादा कार्यालय : जिला प्रशासन मुख्यालय को व्यवस्थित करने की योजना बनायी जा रही है. दो दशकों में शहर की आबादी में कई गुणा इजाफा हुआ है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण शहर को व्यवस्थित करने में समस्याएं सामने आ जाती हैं. शहर की लगभग सभी सड़कें आबादी की तुलना में सिकुड़ गयी हैं. इन रास्तों पर दोतरफा यातायात परिचालन से आये दिन जाम लग रहा है. जाम की समस्या से जिले के लोग उबने लगे हैं. रोज की समस्या से जूझ रहे नागरिक इससे छुटकारा पाना चाहते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन की तरफ से जल्द ही पहल होनेवाली है. इसके लिए योजना को लागू करने का खाका तैयार हो रहा है.
वन-वे सिस्टम लागू करने में दिक्कतें
पिछले साल की अंतिम तिमाही में शहर की कई सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था की वन वे सिस्टम लागू की गयी थी. साहेबकोठी, विजय बाजार, प्रसाद बिगहा, सोनार पट्टी सहित पुरानी कचहरी रोड में इस व्यवस्था को लागू किया गया था. शुरुआती दौर में ट्रैफिक पुलिस के जवान भी मुस्तैदी थे, लेकिन ट्रैफिक के बोझ से व्यवस्था में धीरे-धीरे छूट दी गयी. साल के अंत तक कमोबेश शहर में पुरानी व्यवस्था फिर खड़ी हो गयी. शहरवासियों को फिर से जाम की समस्या से पाला पड़ने लगा. सुरक्षा कर्मचारियों की कमी, विभिन्न सरकारी आयोजन में पुलिस बल की तैनाती और लोगों के नहीं बदलने की मानसिकता इसमें बाधक बन कर उभरी है.
पिछले साल शहर में इ-रिक्शा की शुरुआत से आम आदमी को यातायात में काफी सहूलियत मिली थी. लोगों ने इसका दिल खोल कर स्वागत भी किया. इस सुविधा ने धीरे-धीरे लोगों के सामने विकराल समस्या खड़ी कर दी. कुछ ही महीनों में इसकी संख्या छह से सात सौ के आंकड़े को छूने लगी है. सड़कों पर इ-रिक्शा की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गयीं. यातायात व्यवस्था पर भारी दवाब बढ़ा. सड़कों पर सरपट दौड़नेवाली अधिकतर इ-रिक्शा का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हैं. चालकों की कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हैं. इनके परिचालन का कोई निर्धारित रूट भी तय नहीं है. सड़कों पर गाड़ी खड़ी करके यात्री बैठाने, यू टर्न लेकर कहीं से भी गाड़ी मोड़ने से जाम की समस्या बढ़ी है.
अतिक्रमण से भी दिक्कत
स्थायी दुकानदारों द्वारा सड़क पर अतिक्रमण कर सामान रखने से रास्तों की चौड़ाई कम हो जाती है. खरीदारी करनेवाले ग्राहक भी अपने वाहनों को सड़क पर ही लगा देते हैं. इससे भी यातायात व्यवस्था में दिक्कत आती है. व्यवसायियों को जागरूक करने के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित समाजसेवियों ने कई कार्यक्रम आयोजित किये. पंफ्लैट भी बांटे गये थे. जिला प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सड़कें चौड़ी की गयी थी, लेकिन फिर से अतिक्रमण हो गया
बदलनी होगी मानसिकता
अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा कई बार कदम उठाये गये. व्यापारियों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किये गये. लोगों ने सड़कों पर पैदल मार्च व पंफ्लैट बांट कर स्वच्छ और सुंदर नवादा बनाने की अपील की गयी, लेकिन लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने में प्रशासन व व्यापारी संघ सफल नहीं हो सका . एक व्यवस्थित शहर बसाने को लेकर सबसे पहले लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना जरूरी है. जिला प्रशासन अनुशासनात्मक रवैया अपनाते हुए नियम का उल्लंघन करनेवालों पर आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान करे. ट्रैफिक सिस्टम में सुधार के साथ गाड़ियों की पार्किंग की जगह भी सुनिश्चित की जाये. लोगों को वाहन खरीदने के पहले सरकार से परमिशन लेने की भी व्यवस्था लागू हो. इससे सीमित संसाधनों पर दवाब बढ़ने में कमी आयेगी.
राजेश्वर प्रसाद राजेश, चेयरमैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स
वाहनचालकों पर बरतेंगे सख्ती
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को एक नया रूप देने की पहल की जानी है. इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है. खुरी नदी पर नया ब्रिज बनने के साथ ही इसे अमलीजामा पहनाया जायेगा.
लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पहले चरण में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत गुलाब देकर गांधीजी के आदर्शों द्वारा सीख दी गयी है. दूसरे चरण के तहत ट्रैफिक नियम तोड़नेवालों को आर्थिक दंड लगाया जा रहा है. अधिकारी प्रतिदिन कुछ वाहनों पर जुर्माना लगा कर लोगों को आगाह कर रहे हैं. बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, ट्रिपल राइडिंग करना, सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करना, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन जैसे मुद्दों पर जल्द ही पुलिस सख्त होनेवाली है. इधर, इ रिक्शा समस्या बन कर उभरी है. जाम की समस्या में इसकी बड़ी भूमिका है. इसके लिए परिवहन पदाधिकारी से पत्राचार के माध्यम से पहल की जा रही है.आनेवाले समय में वाहनों के रूट को निर्धारित किया जायेगा. निर्धारित जगहों पर वाहनों की पार्किंग एवं यात्री शेड बना कर उनके वाहनों पर चढ़ने उतरने की जगह निश्चित की जायेगी.
विकास वर्मन, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस
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