कोलकाता मेट्रो पर बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लगायी फटकार, कहा- विकास का राजनीतिकरण न करें

Updated at : 23 Mar 2026 5:24 PM (IST)
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Supreme Court Slams Bengal Govt Kolkata Metro Project

Supreme Court Slams Bengal Govt: सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता मेट्रो परियोजना में बाधा डालने के लिए बंगाल सरकार की खिंचाई की. सीजेआई ने कहा कि विकास कार्यों में राजनीति न करें और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करें.

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Supreme Court Slams Bengal Govt: कोलकाता मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण में को बाधित करने को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को जमकर फटकार लगायी. शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आम जनता के हित से जुड़ी विकास परियोजनाओं का राजनीतिकरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए साफ किया कि अधिकारियों का हठी रवैया जनहित में बाधक बन रहा है.

मुख्य सचिव और DGP पर होनी चाहिए थी कार्रवाई

सुनवाई के दौरान पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति काफी उदारता दिखायी है. सीजेआई ने कहा- यह आपके संवैधानिक कर्तव्यों की पूरी तरह अनदेखी को दर्शाता है. यह ऐसा मामला था, जिसमें मुख्य सचिव और डीजीपी जैसे शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी. आप अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं.

आचार संहिता और बोर्ड परीक्षाओं का बहाना भी खारिज

पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने दलील दी कि चुनाव के कारण प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं. इसलिए निर्माण के लिए सड़कें बंद करना मुश्किल है. इस पर जस्टिस बागची ने सख्त लहजे में कहा- क्या आपके लिए त्योहार और चुनाव विकास से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं? यह आपकी इच्छा नहीं, आपका कर्तव्य है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है, इसलिए चुनाव आयोग को भी इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी.

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चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर फंसा है पेंच

मामला सॉल्ट लेक सेक्टर-5 को दक्षिण कोलकाता से जोड़ने वाली मेट्रो लाइन का है. ईएम बाईपास के भीड़भाड़ वाले चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले ही निर्देश दिया था कि ओवरहेड ट्रैक का काम 15 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाये, लेकिन राज्य सरकार ने ट्रैफिक पुलिस की अनुमति और अन्य बहानों से इसे लटकाये रखा था.

जनता की सुविधा में बाधा न बनें, राज्य की अपील ठुकरायी

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की मई तक समय बढ़ाने की अर्जी को ठुकराते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में कोई खामी नहीं है. अदालत ने विश्वास जताया कि अब यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होगी और कोलकाता की जनता को राहत मिलेगी.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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