.. पर, टैक्स वसूली में वृद्धि नहीं
Updated at : 04 Jan 2017 5:52 AM (IST)
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लापरवाही. शहर में लगातार बन रहे नये घर, होल्डिंग टैक्स की व्यवस्था पुरानी शहरी के कई क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स का नहीं हुआ निर्धारण 8468 घरों से वार्षिक 10 लाख रुपये होती होल्डिंग टैक्स की वसूली नवादा नगर : शहर में लगातार बननेवाले नये घरों से नगर पर्षद टैक्स की वसूली कर पाने में सक्षम […]
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लापरवाही. शहर में लगातार बन रहे नये घर, होल्डिंग टैक्स की व्यवस्था पुरानी
शहरी के कई क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स का नहीं हुआ निर्धारण
8468 घरों से वार्षिक 10 लाख रुपये होती होल्डिंग टैक्स की वसूली
नवादा नगर : शहर में लगातार बननेवाले नये घरों से नगर पर्षद टैक्स की वसूली कर पाने में सक्षम नहीं हो पा रहा है. आबादी के विस्तार के साथ ही नये बननेवाले घरों की संख्या भी बढ़ रही है. लेकिन, उस मुकाबले क्षेत्र से टैक्स की वसूली नहीं हो पाती है. नगर पर्षद शहरी क्षेत्र में निर्माण करके आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में आनेवाले घरों से होल्डिंग टैक्स वसूलने का काम करती है. 1985 के बाद से इसका रिवीजन नहीं किये जाने के कारण नये बननेवाले मकानों का टैक्स निर्धारण सही ढंग से नहीं हो पाया है. नगर पर्षद के आंकड़ों के अनुसार वर्ष में लगभग 10 लाख रुपये टैक्स की वसूली हो पाती है. यदि इस दिशा में सही से ध्यान दिया जाये तो
निश्चित ही विभाग का आय बढ़ने के साथ ही लोगों से भी सही ढंग से होल्डिंग टैक्स की वसूली की जा सकेगी. अभी होल्डिंग टैक्स का निर्धारण शहर की सड़कों के आधार पर किया जाता है. प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क व अन्य सड़क तीन प्रकार से क्षेत्रों का बंटवारा करके टैक्स का निर्धारण किया जाता है. किये गये निर्माण का इस्तेमाल व्यावसायिक हो रहा है या निजी आवास के लिए, उसके अनुसार टैक्स का निर्धारण किया जाता है.
पुरानी व्यवस्था से हो रहा काम
नगर पर्षद में पुराने समय के 16 वार्डों के आधार पर ही फिलहाल होल्डिंग टैक्स का निर्धारण किया गया है. अभी नगर पर्षद क्षेत्र में 33 वार्ड हैं, लेकिन टैक्स वसूली का आधार पुराना 16 वार्ड ही है. टैक्स कलेक्शन के अधिकारी की कमी के साथ ही अन्य कर्मचारियों की कमी है. नये बनने वाले घरों व संस्थानों से टैक्स की वसूली सुनिश्चित हो इसके लिए वार्ड पार्षद व विभागीय कर्मचारियों की नीति स्पष्ट नहीं दिखती है. होल्डिंग टैक्स के निर्धारण के लिए लोग खुद से आवेदन देने के बाद भी टैक्स के निर्धारण में काफी समय लग जाता है.
8468 घरों से टैक्स की वसूली नगर पर्षद के आंकड़ों के अनुसार पूरे वार्ड क्षेत्र से कुल 8 हजार 468 घरों से लगभग वार्षिक 10 लाख रुपये होल्डिंग टैक्स की वसूली नगर पर्षद कर पाता है. जबकि, लगातार बढ़ती आबादी व घरों के बढ़ती संख्या का सही तरीके से निर्धारण हो तो टैक्स वसूली में कई गुणा बढ़ोतरी हो सकती है.
एजेंसी से कराया जा रहा सर्वे नगर विकास मंत्रालय द्वारा सभी नगर पर्षद क्षेत्रों के सर्वे का काम चयनित एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है. जांच के क्रम में बनाये गये प्रोपर्टी का पूरा आंकड़ा संग्रह करने के साथ ही पुराने निर्माण में यदि इजाफा हुआ है, तो इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है. नगर पर्षद को इस रिपोर्ट के मिलने के बाद नये सिरे से टैक्स निर्धारण करके राजस्व में बढ़ोतरी करने की संभावना है.
1985 की व्यवस्था को बदलने में पहल नहीं
घर का नक्शा बनाने में हो रही देरी
नगर पर्षद क्षेत्र में घर बनाने के लिए नक्शा बनाने का काम मुश्किलों भरा हुआ है. नगर पर्षद द्वारा सही तरीके से इस समस्या के समाधान के लिए काम नहीं किया जा रहा है. इसके कारण महीनों भटकने के बाद भी नक्शा बनाने का काम नहीं हो पा रहा है. कार्यालय द्वारा 13 आर्किटेक्चर की टीम को नक्शा बनाने के लिए अनुमति दी गयी है. लेकिन इनमें से अधिकतर दूसरे जिला के आर्किटेक्चर हैं. इस कारण स्थानीय लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर पर्षद ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सर्वे एजेंसी से काम लेना शुरू किया गया है. सारा रिपोर्ट मिल जाने के बाद लाभ मिलेगा. टैक्स निर्धारण को बेहतर बनाया जाना है, इस दिशा में काम हो रहा है.
कृष्ण मुरारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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