शिक्षण संस्थानों को विशुद्ध धंधा बनाने से करें परहेज
Updated at : 29 Sep 2016 6:52 AM (IST)
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स्कूल व कॉलेज के समय में बंद रखें ट्यूशन व कोचिंग संस्थान नवादा नगर : शिक्षा को बढ़ावा देने में कोचिंग चलानेवाले व ट्यूशन पढ़ाने वालों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन आप अपनी जिम्मेवारी को समझते हुए छात्र-छात्राओं को स्वध्ययन के लिए स्कूल व कॉलेजों तक पहुंचने देने में भी सहयोग करें. उक्त बातें सदर […]
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स्कूल व कॉलेज के समय में बंद रखें ट्यूशन व कोचिंग संस्थान
नवादा नगर : शिक्षा को बढ़ावा देने में कोचिंग चलानेवाले व ट्यूशन पढ़ाने वालों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन आप अपनी जिम्मेवारी को समझते हुए छात्र-छात्राओं को स्वध्ययन के लिए स्कूल व कॉलेजों तक पहुंचने देने में भी सहयोग करें.
उक्त बातें सदर एसडीओ राजेश कुमार ने ट्यूशन व कोचिंग चलानेवालों के साथ बैठक मे कहीं. बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में हुई बैठक में कई विषयों पर चर्चा की गयी. बैठक मे सबसे प्रमुख एजेंडा स्कूल व कॉलेज के समय कोचिंग व ट्यूशन बंद रखने की अपील के रूप में रहा. सदर एसडीओ ने कहा कि भावनात्मक लगाव के साथ सकारात्मक पहल करते हुए यह प्रयास शुरू करें कि सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कोचिंग व ट्यूशन नहीं चले, ताकि बच्चे स्कूल व कॉलेज जा सकें. स्वअध्ययन के लिए विद्यार्थी अपने नामांकित शिक्षण संस्थानों में जा सकें, इसके लिए सबको मिल कर सहयोग करने की जरूरत है.
व्यवसाय के रूप में शिक्षा का नहीं हो उपयोग : कोचिंग व ट्यूशन को पूर्णत: व्यवसाय का रूप नहीं दें.सभी प्रकार के कार्य करते हुए स्कूल के समय पर कोचिंग व ट्यूशन बंद रखें, ताकि बच्चे स्कूल व कॉलेज का भी लाभ उठा सकें. बैठक में जिला मुख्यालय के सभी महत्वपूर्ण संस्थानों के चलानेवालों ने भी अपनी बात रखते हुए इस संबंध में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया. सदर एसडीओ ने कहा कि अच्छे काम की शुरुआत में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन सबके सहयोग से इसे दूर किया जा सकता है. जिले में शिक्षा संस्थानों को ठीक करने का सकारात्मक रिजल्ट मिल रहा है. गांधी स्कूल व कन्हाई इंटर स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही पढ़ाई के गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है, सबको मिल कर इसे आगे जारी रखने की जरूरत है.
नि:शुल्क सहयोग के लिए आयें आगे : सरकारी स्कूलों में खासकर इंटर स्तर की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की घोर कमी है. सभी विषयों में शिक्षकों की संख्या लगभग शून्य दिखती है, ऐसे आपके सहयोग से स्कूलों में बेहतर शिक्षा शुरू किया जा सकता है. उन्होंने सभी कोचिंग व ट्यूशन चालनेवालों से स्कूलों में नि:शुल्क क्लास चलाने में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से समय देकर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा उपलब्ध करायें, ताकि समाज का गरीब तबका भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सके. इस काम में सहयोग करने के लिए कई शिक्षकों ने अपनी सहमति भी दी.
गरीब बच्चों को करें मदद : सदर एसडीओ जिला के शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सहयोग करने की अपील करते दिखे, उन्होंने कहा कि बड़े मन से ही बड़ा काम कर सकते हैं. शिक्षा के प्रति भावनात्मक लगाव में शायद कुछ नुकसान भी हो, लेकिन एक सुकुन जरूर मिलेगा. उन्होंने कोचिंग व ट्यूशन चलानेवालों से अपील करते हुए कहा कि अपने संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में से तय प्रतिशत के अनुसार मुफ्त में बच्चों को पढ़ायें ,ताकि जो बच्चे महंगी शिक्षा को अफोर्ड नहीं कर सकते है वे भीगुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठा सकें.
बुधवार को होगी अगली बैठक
बुधवार को कोचिंग व ट्यूशन चलानेवालों की अगली बैठक निर्धारित की गयी. बैठक में हुई चर्चाओं के प्रगति रिपोर्ट बताने को कहा गया. स्कूल टाइम में कोचिंग व ट्यूशन नहीं चलाने, मदद के रूप में फ्री क्लास लेने के इच्छुक शिक्षकों की सूची देने, मुफ्त में पढ़ाने वाले विद्यार्थियों की संख्या देने आदि विषयों पर अगली बैठक में चर्चा की जायेगी.
कोचिंग व ट्यूशन चलानेवालों ने भी रखी अपनी बात : जिला मुख्यालय के कई कोचिंग व ट्यूशन चलानेवालों ने बैठक मे अपने विचार रखे. बैठक में रहे जिला शिक्षा पदाधिकारी गोरख प्रसाद, माध्यमिक शिक्षा डीपीओ मिथिलेश कुमार सिन्हा, संभाग प्रभारी अरुण कुमार वर्मा के साथ ही प्रो रघुनंदन प्रसाद, प्रो विजय कुमार, कार्यानंद शर्मा, अमरदीप सिन्हा, राजेश खन्ना, दिलीप पांडेय आदि शिक्षकों ने भी अपने विचार रखें.
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