कचरे के डिब्बे में पड़े हैं स्टूडेंट्स के प्रमाणपत्र

Updated at : 27 Sep 2016 4:42 AM (IST)
विज्ञापन
कचरे के डिब्बे में पड़े हैं स्टूडेंट्स के प्रमाणपत्र

साक्षरता केंद्र में लगे कंप्यूटर व अन्य संसाधन हो गये खराब रजौली : रजौली इंटर विद्यालय स्थित कंप्यूटर केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है. इसके कारण कम शुल्क पर बच्चों को मिलने वाली कंप्यूटर शिक्षा बंद हो गयी है. यह स्थिति लगभग चार वर्षों से है. इस कंप्यूटर केंद्र में पहले जितने भी बच्चों ने […]

विज्ञापन
साक्षरता केंद्र में लगे कंप्यूटर व अन्य संसाधन हो गये खराब
रजौली : रजौली इंटर विद्यालय स्थित कंप्यूटर केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है. इसके कारण कम शुल्क पर बच्चों को मिलने वाली कंप्यूटर शिक्षा बंद हो गयी है. यह स्थिति लगभग चार वर्षों से है. इस कंप्यूटर केंद्र में पहले जितने भी बच्चों ने कंप्यूटर की शिक्षा ग्रहण की, उसमें कुछ को छोड़ शेष बच्चों के प्रमाणपत्र अब भी कचरे के डिब्बे में पड़े हैं.
उन प्रमाण पत्रों पर डीडीसी के हस्ताक्षर होने थे. लेकिन तत्कालीन डीडीसी रामजी सिंह ने उन प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. इस वजह से कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी बच्चों को प्राप्त शिक्षा बेकार चली गयी. हालांकि, इंटर विद्यालय के प्रधानाचार्य राधाकृष्ण मंडल ने डीडीसी से कई बार प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया था. लेकिन वे इसमें नाकामयाब रहे. डीएम पंकज कुमार के कार्यकाल में सम विकास योजना से लगभग आठ लाख की राशि से रजौली में कंप्यूटर साक्षरता केंद्र की स्थापना की गयी थी.
इसकी देख-रेख का जिम्मा इंटर विद्यालय के प्राचार्य राधाकृष्ण मंडल के कंधों पर दी गयी थी. उस समय यह तय हुआ था कि छात्र-छात्राओं के नामांकन लेने से जो राशि आयेगी, उसी से इसका रखरखाव किया जायेगा. उस समय प्रति छात्र-छात्राएं 450 रुपये नामांकन शुल्क लिये जा रहे थे. कंप्यूटर साक्षरता केंद्र में 20 कंप्यूटर के अलावे एक मास्टर कंप्यूटर लगाये गये थे. साथ ही बिजली के लिए जेनेरेटर के साथ इंवर्टर भी लगाये थे. बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षक के रूप में मानदेय पर छपरा निवासी पवन सिंह को रखा गया था.
कुछ दिनों तक तो कंप्यूटर साक्षरता केंद्र भली-भांति चली, उसके बाद एक-एक कर कंप्यूटर खराब होते चले गये. उसके बाद बैटरी व इंवर्टर भी खराब हो गये. दिन-प्रतिदिन बिगड़ती स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ मानदेय नहीं मिलने के कारण प्रशिक्षक पवन सिंह ने काम करना बंद कर दिया. इसी के साथ रजौली में खुला यह कंप्यूटर साक्षरता केंद्र बंद हो गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन