गया में सीमा पर पहरा नहीं, शराब का चल रहा धंधा

गया में सीमा पर पहरा नहीं, शराब का चल रहा धंधा प्रतिनिधि, बाराचट्टी (गया) शराबबंदी के बाद बाराचट्टी इलाके में शराब बनने की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है. लेकिन, झारखंड प्रांत की सीमा से जुड़े गया जिले के प्रखंड के कुछ इलाकों में शराब मिलने की खबरें मिल रही हैं. बाराचट्टी प्रखंड […]
गया में सीमा पर पहरा नहीं, शराब का चल रहा धंधा प्रतिनिधि, बाराचट्टी (गया) शराबबंदी के बाद बाराचट्टी इलाके में शराब बनने की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है. लेकिन, झारखंड प्रांत की सीमा से जुड़े गया जिले के प्रखंड के कुछ इलाकों में शराब मिलने की खबरें मिल रही हैं. बाराचट्टी प्रखंड का अंतिम बाजार भलुआ है, जहां बिहार की सीमा खत्म होती है. सीमा खत्म होने के बाद 14 किलोमीटर की दूरी पर झारखंड का चौपारण बाजार है, जहां शराब की कई दुकानें हैं. बिहार-झारखंड सीमा पर चौरदाहा के समीप परिवहन जांच चौकी है. मगर, वहां सिर्फ मालवाहक वाहनों के कागजात की जांच होती है. चौकी पर निगरानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण धंधेबाज मजे से उधर से शराब ला रहे हैं. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शराब की खेप को भलुआ पंचायत के जंगली इलाकों में डंप करने की खबर है. इसके पीछे धंधेबाजों का सोच है कि जंगली क्षेत्र होने के कारण सुरक्षाबल इन इलाकोें मे यदा-कदा ही आते हैं. नतीजतन, धंधा करने में कोई दिक्कत नहीं है. पूछे जाने पर थानाध्यक्ष कमलेश सभी ने बताया कि भलुआ पंचायत के इलाके में सीपीएमएफ जवानों के साथ छापेमारी अभियान चलाया जायेगा. महुआ चुननेवाले किसान चिंतितबाराचट्टी इलाकों में महुआ के उत्पादन को लेकर किसानों के बीच संशय बना हुआ है. किसानों का कहना है कि जंगलों में महुआ के अधिकतर पेड़ उनके हैं. ऐसे में पेड़ से गिरे महुआ को वे अपने घरों में लाकर रख रहे हैं, जिससे उन्हें कानूनी घेरे में आने का डर सता रहा है. सरकार की ओर से महुआ रखने पर पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. ग्रामीणों राजकुमार यादव व हरेंद्र भोक्ता आदि ने बताया कि महुआ पर प्रतिबंध से उनकी आर्थिक हालत खराब हो जायेगी और उन्हें रोटी के लाले पड़ जायेंगे. गौरतलब है कि पिछले दिनों स्थानीय विधायक समता देवी ने विधानसभा में इस मसले को उठाया था. सात किमी के बाद शराब उपलब्धफोटो-1,2,3 डुमरिया (गया). राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बाद बिहार से सटे झारखंड के सीमा क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गयी है. पैट्रोलिंग भी जारी है. गया जिले के डुमरिया प्रखंड मुख्यालय से झारखंड सीमा की दूरी मात्र सात किलोमीटर है. कबिसा नदी ही बिहार व झारखंड को बांटती है. पर, अभी इस सीमा पर चेकपोस्ट नहीं लगाया गया है. सीमा पर स्थित डुमरिया प्रखंड के विशुनपुर गांव टोला तरीपर के कुछ लोगों की मानें, बिहार पुलिस की चौकसी है, बावजूद इसके झारखंड की सीमा पर बसे गांव नौडिहा बाजार, जमुआ, पड़रिया व हबरूआ से अब भी लोग शराब खरीद रहे हैं. मुख्य मार्ग से नहीं, बल्कि पगडंडी के जरिये डुमरिया इलाके में शराब लाकर लोग पी रहे हैं. इस संदर्भ में डुमरिया थाना अध्यक्ष श्रीराम सिंह ने बताया कि झारखंड की शराब की घुसपैठ रोकने के लिए बिहार–झारखंड की सीमा कबिसा नदी पर चौकसी बढ़ायी गयी है. मुख्य मार्ग से आनेवाले वाहनों की जांच भी की जा रही है, ताकि झारखंड की आेर से शराब की घुसपैठ न हो सके.
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