''जेतना पीये के हऊ पीले कल से नेमानो नय होतो''

Updated at : 01 Apr 2016 2:12 AM (IST)
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''जेतना पीये के हऊ पीले कल से नेमानो नय होतो''

शराबबंदी. अंतिम दिन छूट के बाद भी शराब दुकानों व कलाली में भीड़ कम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक अप्रैल से प्रदेश भर में देसी शराब के उत्पादन, बिक्री व उपभोग पर पूरी तरह से रोक लगा दिये जाने की घोषणा का अक्षरश: पालन कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है. इससे […]

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शराबबंदी. अंतिम दिन छूट के बाद भी शराब दुकानों व कलाली में भीड़ कम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक अप्रैल से प्रदेश भर में देसी शराब के उत्पादन, बिक्री व उपभोग पर पूरी तरह से रोक लगा दिये जाने की घोषणा का अक्षरश: पालन कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है.
इससे शराब के शौकिन लोगों का रूझान धीरे-धीरे शराब की ओर से उतरता जा रहा है. कलाली में लगने वाली भीड़ 31 मार्च की दोपहर एक बजे तक नगण्य थी. इक्के दुक्के लोग भी देसी शराब खरीद कर पीते देखे गये. अधिकतर देसी शराब बचे रहने और उन्हें देर रात तक बहा दिये जाने का मलाल विक्रेताओं के चेहरे पर स्पष्ट रूप से दिख रहा था
नवादा (सदर) : पूर्व घोषित प्रतिबंध के अनुरूप 31 मार्च की सुबह से ही अंगरेजी शराब की दुकानों पर इक्के दुक्के खरीदार भी देखने को मिले. दोपहर 12 बजे के बाद से अधिकतर अंगरेजी शराब के दुकानों के काउंटर खाली देखे गये. शराब की बिक्री करने वाले दुकानदार इस बात का मलाल कर रहे थे कि कल से मैं पूरी तरह बेरोजगार हो जाऊंगा.
वे जल्द से जल्द बचे अंगरेजी शराब की बोतलों को भी 10 बजे रात से पहले ही बेचने के फिराक में जुटे रहे. जवाहर नगर स्थित अंगरेजी शराब की दुकान, ट्रक स्टैंड स्थित अंगरेजी शराब की दुकान, हटिया पर अस्पताल रोड स्थित शराब की दुकान, इंदिरा चौक स्थित शराब की दुकान, सद्भावना चौक स्थित शराब की दुकानों में जैसे-जैसे समय बीतता गया, खरीदारों की भीड़ कमती गयी. साथ ही दुकानों के रैक में रहे बोतलें भी खत्म होते गये.
कलाली में लाखों की शराब नष्ट
देसी शराब दुकानों के लाइसेंस वालों द्वारा तमाम प्रयास किये जाने के बाद भी काफी मात्रा में देसी शराब की बोतलें बिक्री होने से वंचित रह गयी. लाखों रुपये का माल लाइसेंसियों की देखरेख में देर रात को उत्पाद विभाग की ओर से नाले में बहा दिया गया. कलाली में भरे पड़े माल को देख कर दुकानदार अपने पैसे की बरबादी अपनी आंखों से देखकर मायूस नजर आ रहे थे.
सुबह से जहां कलाली में चहल पहल का नजारा था, जिसे देखकर दुकानदार ने बिक्री होने की संभावना जतायी थी. परंतु एक बोतल के बदले एक फ्री दिये जाने के बाद भी प्रशासन के खौफ के कारण शराबियों ने खरीदना उचित नहीं समझा. लिहाजा समय सीमा समाप्त होने के बाद काफी मात्रा में नवादा के कई कलाली में देसी शराब को नाले में बहा दिये जाने का काम किया गया.
शाम पांच बजे
शहर के कलाली रोड स्थित देशी शराब की दुकान जहां शराब पीने वाले लोगों की संख्या कल की अपेक्षा में ज्यादा थी. लेकिन शराब के साथ चखना ही उन्हें नहीं मिल पा रहा था. क्योंकि, चखना बेचनेवाले पहले ही कम मात्रा में मछली, मीट लाये थे, जो दोपहर तक ही समाप्त हो गयी.
ऐसे में देसी शराब की बोतल का जाम से जाम टकराते हुए शराबी कुछ गाने के धुन पर शराब पीकर मस्ती करते देखे गये. वहीं कुछ शराबी रोज की तरह खरीद कर अपने शराब ले जाना उचित नहीं समझ पा रहे थे, क्योंकि उन्हें शराब के साथ पकड़े जाने का डर भी सता रहा था. जैसे तैसे दुकानदार से ही कुछ शराबी गिड़गिड़ाते हुए एक के बदले एक फ्री मांग रहे थे. दुकानदार भी शराब को रात 10 बजे के बाद नाली में बहाने की तैयारी में जुटे थे. ऐसे में एक के बदले एक फ्री मांगे जाने पर उन्हें उपलब्ध भी करा दिया गया.
जबकि, देसी शराब की कीमतों में दुकानदार पहले ही शराब के शौकिनों को छूट दे रखी थी. इधर, प्रसाद बिगहा स्थित अंगरेजी शराब की दुकानों पर शराब खरीद कर बगल के होटल में पीने वालों की भीड़ भी अच्छी देखी गयी. आज आखिरी दिन होटल में बैठ कर शराब पीने का मजा उठाने से लोग नहीं चूक रहे थे.
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