इवनिंग डग्रिी कॉलेज में पढ़ाई नदारद

इवनिंग डिग्री कॉलेज में पढ़ाई नदारद जिले में तीन इवनिंग कॉलेजों में मिली है पढ़ाई की सुविधा शाम चार से रात साढ़े आठ बजे तक चलनी है क्लासेंफॉर्म भरने व परीक्षा देने तक का नाताफोटो-4प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले में चल रहे इवनिंग कॉलेज सिर्फ नामांकन लेने व परीक्षा दिलाने का सेंटर बन गये हैं. जिले में […]
इवनिंग डिग्री कॉलेज में पढ़ाई नदारद जिले में तीन इवनिंग कॉलेजों में मिली है पढ़ाई की सुविधा शाम चार से रात साढ़े आठ बजे तक चलनी है क्लासेंफॉर्म भरने व परीक्षा देने तक का नाताफोटो-4प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले में चल रहे इवनिंग कॉलेज सिर्फ नामांकन लेने व परीक्षा दिलाने का सेंटर बन गये हैं. जिले में तीन कॉलेजों को इवनिंग कॉलेज के रूप में पढ़ाई कराने की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार सेठ सागरमल इवनिंग कॉलेज, रामलखन सिंह यादव इवनिंग कॉलेज व धेवधा इवनिंग कॉलेज में स्नातक स्तर की पढ़ाई करायी जा रही है. हालांकि, इन संस्थाओं में शायद ही कहीं दो चार कक्षाओं का भी संचालन भी हो पाया होगा. शहर के सेठ सागरमल इवनिंग कॉलेज में को-एजुकेशन के तहत सत्र 2013-14 से ही नामांकन लिया जा रहा है. 2013-16 सत्र का पहला बैच स्नातक की डिग्री लेकर कॉलेज से उतीर्ण होंगे, लेकिन इन तीनों सत्रों में शायद ही कक्षा संचालन हो पाया. शाम में लगती हैं कक्षाएं विश्वविद्यालय द्वारा इवनिंग कॉलेजों में बनाये गये रूटीन के अनुसार, शाम चार बजे से रात साढ़े आठ बजे तक पढ़ाई की व्यवस्था की गयी है. लेकिन, शिक्षकों की उपस्थिति के बावजूद छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नगण्य ही रहती है. विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रशासन इस संबंध में प्रयास करने में असफल साबित हो रहे हैं. सागरमल इवनिंग कॉलेज प्रशासन की माने, तो शिक्षकों की उपस्थिति नहीं होने पर उनके मानदेय काटने का प्रावधान रखा गया है. इस कारण शिक्षक तो नियमित हुए हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं रहने के कारण कक्षा संचालन का काम नहीं हो पाता है. तीनों संकायों में होता है नामांकनसेठ सागरमल इवनिंग कॉलेज में साइंस, आर्ट्स व कॉमर्स तीनों संकायों के विषयों में स्नातक स्तर तक की पढ़ाई की व्यवस्था है. आर्ट्स में आठ सौ, साइंस में 640 व कॉमर्स में 640 छात्र छात्राओं के नामांकन के लिए सीटें उपलब्ध है. साइंस व आर्ट्स में सीट लगभग भर गया है. जबकि, कॉमर्स में कुछ सीटें खाली है. आर्ट्स के 11 विषयों, साइंस के पांच विषयों व कॉमर्स के एकाउंटेंसी में ऑनर्स लेकर पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध है. कामकाजी लोगों के लिए साबित हो रहा वरदानइवनिंग कॉलेज में नामांकन लेने वाले छात्र छात्राओं में 40 प्रतिशत से अधिक वैसे विद्यार्थी हैं, जो विभिन्न सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में कार्यरत हैं. उन्हें स्नातक की डिग्री मिल जाने के बाद प्रमोशन में सुविधा होगी. सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले कर्मी विद्यार्थी के रूप में कॉलेजों में तो एडमिशन ले लिये है, लेकिन तय समय में कॉलेज में क्लास के लिए पहुंचते ही नहीं है. इन्हें घर बैठे ही डिग्री का लाभ मिल रहा है. इवनिंग कॉलेज की इस सुविधा का लाभ लेने में सामान्य छात्र छात्राएं भी पीछे नहीं है. बावजूद संस्थान एडमिशन लेेने व फॉर्म भरने का केंद्र बन कर रह गया है. शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्थाकॉलेज प्रबंधन की मानें तो इवनिंग कॉलेजों में सभी विषयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था है. सभी विषयों में कम से कम दो शिक्षक बहाल हैं. बावजूद कक्षाओं का संचालन नहीं होता है. कॉलेज के रुटीन के अनुसार शाम चार से रात साढ़े आठ बजे तक क्लास चलने की व्यवस्था है. लेकिन, विद्यार्थी ही नदारद रहते है. इससे स्पष्ट होता है कि यह केवल डिग्री बांटने का केंद्र बन कर रह गया है. इवनिंग कॉलेजों में पढ़ाई कराने के लिए क्लास रूम में टेबुल बेंच व ब्लैक बोर्ड तो हैं ही साथ ही रोशनी के लिए जेनेरेटर व इनवर्टर की व्यवस्था होने का दावा भी कॉलेज प्रशासन द्वारा की जाती है. लेकिन, सुविधाओं के बावजूद इसका लाभ लेने के लिए विद्यार्थी ही उपलब्ध नहीं हो पाते है. बोले जिम्मेवार इवनिंग कॉलेज का मुख्य उद्देश्य वैसे विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाना है जो सेवा क्षेत्र में रहकर भी पढ़ाई कर डिग्री पाना चाहते हैं. सेठ सागरमल कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध कराया गया है. डॉ कुमारी अंजना सिन्हा, प्राचार्या, सेठ सागर मल महिला कॉलेजसाइंस, आर्ट्स व कॉमर्स तीनों संकाय की परीक्षा इवनिंग कॉलेज में उपलब्ध है. विद्यार्थियों के आने पर क्लास होती है. रोशनी के लिए जेनरेटर व इनवर्टर की व्यवस्था भी उपलब्ध है.डॉ मंजु सिन्हा, प्राचार्या, सेठ सागर मल इवनिंग कॉलेज
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