नवादा : गर्मी की तपिश जैसे-जैसे बढ़ रही है लोग पेयजल के लिए हाहाकार करने लगे हैं. इन दिनों शहर के वार्ड 13 में पेयजल की समस्या से जूझ रहे वार्डवासियों ने सोमवार को समाहरणालय गेट पर प्रदर्सन किया.
इसमें लोगों ने डीएम के नाम आवेदन भी दिया. सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस वार्ड में शहर के कई महत्वपूर्ण इलाके आते हैं. इसमें अस्पताल रोड, स्टेशन रोड व गोला रोड शामिल है. इन इलाकों में शहर का एक घनी आबादी बसती है. इसके साथ ही व्यवसाय का भी गढ़ इसी वार्ड में आता है.
इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाएं सहित सदर अस्पताल भी इसी वार्ड में आता है. इन दिनों धरती से पानी का लेयर भागना शुरू हो गया है. इससे लोगों में पेयजल की समस्याएं बढ़ने लगी, जो कुछ चापाकल या पुराने स्तर के मोटर घरों में लगे हैं वह पानी छोड़ने लगी है. फलतः पेयजल समस्या बन गयी है. वार्ड 13 वासियों में शामिल अधिकांश महिलाएं ही प्रदर्शन करने समाहरणालय के गेट पर जुटी थी.
इनमें शामिल शारदा देवी, संगीता देवी, चंदमा देवी, पूनम देवी, नजरुल हक, यासमा खातून, सोगरा खातून, रामश्रय प्रसाद, असगर आलम तथा अफसानी प्रवीण सहित दर्जनों की संख्या में जुटे लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया.
उक्त लोगों ने बताया कि इस वार्ड में इस वार्ड में पेयजल की समस्या का निदान अब तक नहीं किया गया है. इसकी शिकायत कई बार नगर परिषद से किया जा चुका है, बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया.
इस वार्ड का दुर्भाग्य ऐसा है कि यहां हर घर नल का जल योजना का पाइप भी नहीं बिछाया गया है. इस तरह से इस वार्ड के लोगों को ना तो चापाकल की सुविधाएं दी जा रही और ना ही नल का जल योजना का लाभ दिया जा रहा है. ऐसी हालातों में पेयजल की समस्या ने वार्ड की महिलाओं को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है.
वार्ड पार्षद ने कहा- मात्र दो ही चापाकल इस वार्ड को मिला : वार्ड 13 के वार्ड पार्षद अनिल कुमार ने बताया कि इस वार्ड में मात्र दो ही चापाकल नगर निधि से मिला है. इसमें भी चापाकल लगानेवाले ठेकेदार के मनमानी रवैया से मात्र एक ही चापाकल लगाया जा सका है. दूसरा चापाकल एक साल से फंड रखे रहने के बाद भी नहीं लगाया गया है. उन्होंने कहा कि इस वार्ड में पेयजल घोर समस्या बन गयी है.
उन्होंने कहा कि नगर पर्षद के वार्ड 10, 11, 12 तथा 13 में कहीं भी मुख्यमंत्री हर घर नल का जल योजना से पाइप नहीं बिछाया गया है. वार्ड 12 में थोड़ी बहुत पाइप बिछायी गयी है, लेकिन उसका कनेक्शन नहीं हो सका है. यहां की हालात ऐसी हो गयी है कि लोग अपने तरीके से पानी का जुगाड़ करने में लगे हैं.
उन्होंने बताया कि नगर पर्षद द्वारा 5.5 करोड़ का टेंडर निकाला जा चुका है, बावजूद टेंडर लेनेवाले नहीं आ रहे हैं. इसके साथ ही यहां के कुछ लोगों द्वारा अपने घर के आगे चापाकल नहीं लगाने दिये जाने से भी मामला अटका हुआ है. उन्होंने कहा कि नप कार्यपाल व चेयरमैन व डीएम को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है. लेकिन, बगैर टेंडर के प्रक्रिया अधर में लटका हुआ है.
