जनवरी 2019 तक बदले जायेंगे तार व ट्रांसफॉर्मर

Updated at : 29 May 2018 5:45 AM (IST)
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जनवरी 2019 तक बदले जायेंगे तार व ट्रांसफॉर्मर

नवादा नगर : जिला मुख्यालय सहित अन्य तीन शहरों में पुराने तारों को बदला जा रहा है. शहरी क्षेत्र में सभी हाइटेंशन व लो टेंशन तारों को बदलते हुए कवर्ड वायर लगाने की योजना है. शहर के अस्पताल रोड, स्टेडियम रोड आदि में जोर-शोर से काम चल रहा है. बार-बार तार टूटने की शिकायत को […]

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नवादा नगर : जिला मुख्यालय सहित अन्य तीन शहरों में पुराने तारों को बदला जा रहा है. शहरी क्षेत्र में सभी हाइटेंशन व लो टेंशन तारों को बदलते हुए कवर्ड वायर लगाने की योजना है. शहर के अस्पताल रोड, स्टेडियम रोड आदि में जोर-शोर से काम चल रहा है.

बार-बार तार टूटने की शिकायत को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व बिजली चोरी को रोकने के लिए कवर्ड तार लगाये जा रहे हैं. नवादा के अलावा हिसुआ, वारिसलीगंज तथा रजौली के शहरी क्षेत्र के सभी खुले 11 हजार व 440 वोल्ट के तारों को बदले जाने की कोशिश हो रही है. विभागीय एजेंसी क्रिप्स को तार बदलने का जिम्मा दिया गया है. शहरी क्षेत्र में नया तार के साथ पुराने पोल व जरूरी स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मर भी बदले जा रहे हैं.विभाग की एजेंसी क्रिप्स द्वारा तार बदले जा रहे हैं, लेकिन इसकी गति धीमी है.
विभागीय अधिकारी के अनुसार जनवरी 2019 तक नवादा के अलावा हिसुआ, वारिसलीगंज, रजौली में कवर्ड तार लगाने का काम पूरा कर लेना है. नवादा शहर के आठ किमी के हिस्से में हाइटेंशन व 23 किमी के दायरे में 440 वोल्ट के कवर्ड तार बदले जाने हैं. नवादा के अलावा वारिसलीगंज, हिसुआ तथा रजौली को भी लाभ मिलेगा़ शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कवर्ड तार लगाये जायेंगे. तार लगाने के लिए पदमावत कंपनी के साथ करार किया गया है.
शहर में तार टूटने से हो चुकी हैं घटनाएं
अस्पताल रोड में हाट के पास पिछले दिनों हाइटेंशन तार टूट कर गिरने की घटना हो चुकी है. कवर्ड तार हो जाने से तार टूट कर गिरने की समस्या का समाधान हो जायेगा. पुराने तारों को बदलने के लिए बड़े सीमेंटेड पोल लगाये जा रहे हैं. कवर्ड वायर लगाये जाने से बिजली वितरण की समस्या भी दूर होगी. बारिश, आंधी के समय तारों से पेड़ की टहनियों के टकराने से आपूर्ति बाधित होती है, या बरसात या आंधी, पानी के समय बिजली कट जाती है. कवर्ड तार हो जाने से बिना मीटर कनेक्शन के टोंका फंसा कर बिजली का उपयोग नहीं हो पायेगा. कवर्ड तार सुरक्षा व बिजली चोरी रोकने दोनों की लिहाज से बेहतर है. हाल में वीआइपी कॉलनी में 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से एक भैंस मर गयी थी.
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