सूर्य आराधना से होती है हर मन्नत पूरी

Updated at : 25 Oct 2017 8:58 AM (IST)
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सूर्य आराधना से होती है हर मन्नत पूरी

छठ में लोग भूल जाते हैं भेद-भाव व द्वेष का भावना नवादा : प्राकृतिक के प्रति उपासना व अाराधना के इस महापर्व छठ में साक्षात मन्नतों की प्राप्ति का उदाहरण माना जाता है. यही एक मात्र पर्व है, जिसमें शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है. प्रदेशों में रहने वाले लोग स्वतः खींचे चले आते […]

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छठ में लोग भूल जाते हैं भेद-भाव व द्वेष का भावना
नवादा : प्राकृतिक के प्रति उपासना व अाराधना के इस महापर्व छठ में साक्षात मन्नतों की प्राप्ति का उदाहरण माना जाता है. यही एक मात्र पर्व है, जिसमें शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है. प्रदेशों में रहने वाले लोग स्वतः खींचे चले आते हैं.
नहाय-खाय के साथ मंगलवार को शुरू हुई इस महापर्व में छठव्रतियों ने कदुआ भात खाकर पर्व का पहला अध्याय शुरू किया है. परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की प्राप्ति तथा उनकी रक्षा व सुहाग की सलामती के लिये महिलाएं निर्जला व्रत रख कर करती हैं. छठव्रत ही एक ऐसा त्योहार है, जिसमें लोग हर काम को छोड़कर श्रद्धा के साथ जुड़ जाते हैं.
इस पर्व का ऐसा महत्व है कि जिस घर में होता वहां द्वेष और क्लेश दूर भाग जाते हैं, इस पर्व पर वर्षों से बिछड़े परिजन आपस में मिल जाते हैं
छठ में संतान प्राप्ति सहित अन्य मन्नतें पूरी होने पर छठी मइया के आशीर्वाद से उत्पन्न संतानों से भिक्षाटन कराने की परंपरा है. उन बच्चों के द्वारा किये गये भिक्षाटन का छठ पूजा में उनके नाम पर लगाया जाता है. ऐसी अद्भुत अनुष्ठान का पर्व दुनिया में कहीं नहीं देखने को मिलता है. इस पर्व को देखने और करने लोग विदेशों से भी पहुंच जाते हैं.
पर्व पर घर से लेकर सड़कों तक हो जाती है चकाचक . छठ की आस्था ऐसी है कि लोग बगैर किसी के कुछ कहे ही सफाई में जुट जाते हैं.
यही छठ मइया का अद्भुत आस्था है. एक तरफ हमारी सरकार सालों भर स्वच्छता का अभियान चलाने के लिये प्रेरित करते आ रही है बावजूद लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. लेकिन छठपर्व की आस्था ऐसी है कि लोग स्वतः सफाई करने के लिये गली-मुहल्लों में झाड़ू लेकर जुट जाते हैं. सफाई के साथ-साथ सजावट में भी सबसे आगे रहने की होड़ लगी रहती है. नगर के पुरानी बाजार इन दिनों छठ के सजावट को लेकर काफी प्रसिद्ध है.
यहां हर वर्ष सजावट का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. कभी फूलों से पुष्प लोक तो कभी थर्माेकोल से स्वर्गलोक का निर्माण कर लोगों को आकर्षित करते आ रहा है. इस बार भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलने वाली है.
वहीं पुरानी बाजार के दूसरे हिस्से में लाइट व फूलों का सजावट कंपटीशन का होड़ नजर आता है. इसके अलावा शहर के गोला रोड, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड, गढ़पर, तथा मेन रोड और पार नवादा व मिर्जापुर आदि मुहल्लों में भी सजावट का अनोखा दृश्य देखने को मिलता है. इसके साथ ही छठ मईया के गीतों का धुन भी इस पर्व के प्रति उत्साह बढ़ा दे रहा है.
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