वर्ल्ड इकोनॉमी को प्रभावित कर रहा जीएसटी

Updated at : 07 Aug 2017 9:14 AM (IST)
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वर्ल्ड इकोनॉमी को प्रभावित कर रहा जीएसटी

ट्रेड रिलेशनशिप काे विश्व बाजार में सरकारें दे रहीं महत्व नवादा नगर : विश्व की अर्थव्यवस्था ही आज दुनिया के देशों के आपसी संबंध का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गया है. देश में लागू जीएसटी कानून वर्ल्ड इकोनॉमी को प्रभावित करनेवाला साबित हो रहा है. उक्त बातें इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ मनोज कुमार […]

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ट्रेड रिलेशनशिप काे विश्व बाजार में सरकारें दे रहीं महत्व
नवादा नगर : विश्व की अर्थव्यवस्था ही आज दुनिया के देशों के आपसी संबंध का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गया है. देश में लागू जीएसटी कानून वर्ल्ड इकोनॉमी को प्रभावित करनेवाला साबित हो रहा है.
उक्त बातें इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने कहीं. नवादा विधि महाविद्यालय में जीएसटी इट्स इंपैक्ट ऑन फेडरलिज्म एंड इंटरनेशनल लॉ विषय पर आयोजित सेमिनार में नयी दिल्ली से आये निदेशक डॉ मनोज कुमार के साथ मगध विश्वविद्यालय के पूर्व डीन डॉ विक्रम सिंह आदि ने भी विचार रखे. कार्यक्रम की शुरुआत दीप जला कर किया गया. लॉ के विद्यार्थियों के बीच आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में आये लॉ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) देश में लागू होना अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रभाव को दर्शाता है.
विश्व व्यापार का बढ़ा प्रभाव
दुनिया के 165 देशों में ग्लोबलाइजेशन मार्केट का प्रभाव है. एक जनवरी 1995 को विश्व व्यापार संगठन से जुड़ने के बाद भारत दुनिया के बाजार का हिस्सा बन गया है.
हर देश अपने यहां अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित कर अपनी इकोनोमी को बढ़ाना चाहती है. आज गुड्स सप्लाई का ऐसा असर है कि आदमी चाहे, तो भले ही दुनिया के दूसरे देश में नहीं पहुंच पाये, लेकिन मार्केट में पूरी दुनिया के प्रोडक्ट आसानी से मिल जाते हैं. ट्रेड रिलेशन को बढ़ाने के लिए सबसे पहले पेटेंट कानून, कॉपीराइट कानून आदि में बदलाव की शुरुआत 1970 के दशक से किया गया. भारत में एक देश एक कर की व्यवस्था शुरू होने से दुनिया में निवेश को बढ़ावा देने में सहूलियत होगी. आज हर पार्टी का चुनावी एजेंडा विकास हो गया है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने से ही संभव है.
राज्यों के बीच भी अधिक से अधिक निवेश लाने की होड़ है. राष्ट्रीय कानून की चिंतन अब विश्व कानून से प्रभावित होकर काम कर रही है.
कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय के पूर्व डीन व अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष रहे डॉ विक्रम सिंह ने जीएसटी क्या है, इसके क्या परिणाम सामने आये है, इसका प्रभाव किस प्रकार से समाज को प्रभावित करेगा, आगामी अर्थव्यवस्था किस प्रकार से काम करेगा आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने जीएसटी को आमलोगों से जोड़ते हुए टैक्स प्रणाली में आये बदलाव के बारे में बताया.
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