नालंदा: गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त, विभाग के छूटे पसीने; लक्ष्य हासिल करना बना बड़ी चुनौती

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Nalanda News: नालंदा जिले में रबी फसल 2026-27 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है. लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है.जिला सहकारिता पदाधिकारी धर्मनाथ प्रसाद ने बताया कि किसानों और समितियों की मांग पर लक्ष्य को बढ़ाकर 5076 एमटी किया गया है

Nalanda News: नालंदा जिले में रबी फसल 2026-27 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है. लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है.जिला सहकारिता पदाधिकारी धर्मनाथ प्रसाद ने बताया कि किसानों और समितियों की मांग पर लक्ष्य को बढ़ाकर 5076 एमटी किया गया है

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Nalanda News, उज्जवलानंद गिरि: नालंदा जिले में रबी फसल 2026-27 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है. जिले में अब तक मात्र 209 किसानों से ही 799 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा सकी है. यह सुस्त चाल विभाग के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन बना रही है.

लक्ष्य से काफी पीछे है खरीदारी

चालू सीजन के लिए जिले में कुल 5076 एमटी गेहूं अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है. एक अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया में अब तक मात्र 70 56 पंचायत पैक्स और 14 व्यापार मंडल ही सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं. कई समितियों ने तो अब तक बोहनी भी नहीं की है, जबकि कुछ समितियों ने मामूली खरीदारी कर महज खानापूर्ति की है.

क्या कहते हैं अधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी धर्मनाथ प्रसाद ने बताया कि किसानों और समितियों की मांग पर लक्ष्य को बढ़ाकर 5076 एमटी किया गया है ताकि अधिक किसानों को लाभ मिले। हम अन्य समितियों को भी जल्द से जल्द इस प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं ताकि 15 जून की समय सीमा तक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके. बिना रजिस्ट्रेशन के गेहूं की खरीद संभव नहीं होगी इच्छुक किसान जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं.

बम्पर पैदावार के बावजूद सुस्ती

हैरानी की बात यह है कि इस साल जिले में गेहूं की पैदावार काफी अच्छी हुई है और फसल कटकर किसानों के घर तक पहुंच चुकी है. इसके बावजूद सरकारी केंद्रों पर गेहूं की आवक कम होना चर्चा का विषय बना हुआ है. विभाग अब दावा कर रहा है कि आने वाले दिनों में अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

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विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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