'सर, हम जिंदा हैं लेकिन सिस्टम हमें मृत बता रहा है', तकनीकी गड़बड़ी में फंसी बुजुर्गों की पेंशन, हजारों परेशान
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Dec 2025 5:07 PM
AI फोटो
Nalanda News: नालंदा जिले में ई-केवाईसी पोर्टल की तकनीकी खामियों ने वृद्धा पेंशनधारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई बुजुर्गों की पेंशन गलत तरीके से बंद हो गई है और उन्हें कागजों में मृत दिखाया जा रहा है. इस वजह से वे महीनों से परेशान हो रहे हैं.
Nalanda News: नालंदा जिले में वृद्धा पेंशनधारियों के लिए शुरू किया गया ई-केवाईसी अभियान खुद उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है. एक दिसंबर से ई-केवाईसी अपडेट की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन छह दिसंबर को केवल एक दिन पोर्टल ठीक से चला और फिर तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया. इसका सबसे ज्यादा असर उन बुजुर्गों पर पड़ा है, जिनकी पेंशन पहले से ही रुकी हुई है.
जीवित हैं लेकिन पेंशन नहीं मिल रहा
बिहारशरीफ और आसपास के प्रखंडों में रोज ऐसे कई बुजुर्ग सामाजिक सुरक्षा कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. इनके नाम सरकारी रिकॉर्ड में गलती से मृत दर्ज हो गए हैं. रहुई प्रखंड की वृद्धा उर्मीला देवी ने अधिकारियों से कहा कि वे जीवित हैं, लेकिन महीनों से उनकी पेंशन नहीं मिली. प्रखंड कार्यालय में उन्हें बताया गया कि पोर्टल पर उनका नाम मृत दिख रहा है, इसी कारण भुगतान रोक दिया गया है.
ऐसी ही स्थिति बेन एकसारा गांव की 82 वर्षीय दाखो देवी की भी है. पेंशन न मिलने की शिकायत लेकर जब वह बेन प्रखंड कार्यालय पहुंचीं, तो वहां उन्हें भी यही जवाब मिला कि वेबसाइट पर उनका नाम मृत दर्ज है. कर्मचारियों ने आवेदन में सुधार कर जिला कार्यालय भेज दिया, लेकिन पेंशन कब शुरू होगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
बिहारशरीफ में बढ़ रहा मामला
बिहारशरीफ में यह समस्या किसी एक-दो मामलों तक सीमित नहीं है. रोजाना करीब 15 से 20 वृद्ध पेंशनधारी या उनके परिजन अलग-अलग कार्यालयों में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. कई बुजुर्ग चलने-फिरने में असमर्थ हैं, इसलिए उनके बेटे-बेटियां या रिश्तेदार मजबूरी में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं.
नालंदा जिले में कुल 417160 वृद्धा पेंशनधारी रजिस्टर्ड हैं. इनमें से 7311 की पेंशन पूरी तरह बंद है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इनमें से कितने लाभुक वास्तव में मृत हैं और कितनों को कागजों में गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया है. लाभुकों का आरोप है कि बिना किसी ठोस जांच के बड़ी संख्या में नाम पोर्टल पर मृत दिखा दिए गए, जिससे उनकी पेंशन रोक दी गई.
इसे भी पढ़ें: बिहार के 30 जिलों में मौसम विभाग का डबल अलर्ट, अगले 48 घंटे ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










