Success Story: तीन बार फेल, समाज का दबाव… फिर भी न रुकी पूजा, जानें नालंदा की बेटी की सफलता की कहानी

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 09 May 2025 7:24 PM

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पूजा कुमारी

Success Story: कभी चूल्हा जलाने के लिए भी पैसे नहीं थे. चारों ओर ताने, समाज का दबाव, और बार-बार मिलती असफलता. लेकिन कुछ सपने इतने मजबूत होते हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, वे हार मानना नहीं जानते. नालंदा की पूजा कुमारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.

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Success Story, मोनु कुमार मिश्रा,बिहटा: बिहार के नालंदा जिले की दीप नगर बिहार शरीफ की रहने वाली पूजा कुमारी ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो राह की सबसे बड़ी अड़चन भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती. किसान पिता धर्मदेव चौधरी और गृहिणी मां मीरा देवी की होनहार बेटी ने 67वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर इतिहास रचा जिसकी कहानी दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत है. पूजा आज आज लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

पूजा के सपने बड़े थे

पूजा की शुरुआत एक साधारण सरकारी स्कूल से हुई. घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कभी-कभी चूल्हा जलाने तक के लिए संसाधन नहीं होते थे. लेकिन इन तमाम मुश्किलों के बावजूद पूजा के हौसले कभी नहीं डगमगाए. उन्होंने बिहार शरीफ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर पटना जाकर बीपीएससी की तैयारी शुरू की. बीपीएससी की परीक्षा में लगातार तीन बार असफल होने के बाद भी पूजा ने हार नहीं मानी.

समाज के तानों को सुनती रही

समाज के लोग बार-बार उससे पूछते थे कि कितनी बार फेल करोगी. अब तो शादी कर लो. इस सब के बीच पूजा ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा. उनके दोनों भाई जो रेलवे में अधिकारी हैं, और उनके माता-पिता हर कदम पर साथ खड़े रहे. पूजा ने कहा, “मैं अकेली नहीं लड़ी, मेरे साथ मेरा परिवार लड़ा. शादी का दबाव… पर सपना पहले समाज जब शादी की जिद पर अड़ा था, तब पूजा का परिवार उनके सपनों के साथ था. पहले मंजिल, फिर शादी और हुआ भी ऐसा ही.”

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मजबूत इरादे से सबकुछ संभव

जुलाई 2024 में पूजा की शादी फॉरेंसिक विभाग में कार्यरत सुनील कुमार से हुई, लेकिन तब जब उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा कर लिया. उनका सफर उन हजारों लड़कियों के लिए एक रौशनी की तरह है, जो सामाजिक दबाव और आर्थिक तंगी के बावजूद अपने सपनों की उड़ान भरना चाहती हैं. पूजा की कहानी हर लड़की के लिए पैगाम है. इससे पता चलता है कि अगर सपनों के पीछे जुनून हो और परिवार साथ हो तो कोई भी लड़की अपनी किस्मत खुद लिख सकती है.

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लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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