Bihar Land News: नालंदा में भू-माफिया गलत जमीन का रसीद कटा कर बेच रहे औरों की जमीन, जानें धोखाधड़ी का खेल
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 02 Feb 2025 4:48 AM
Bihar Land News: नालंदा जिले में भू-माफियाओं की सक्रियता बढ़ रही है, जो जमीन खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहे हैं.
Bihar Land News: नालंदा जिले में भू-माफियाओं की गतिविधियां दिन-व-दिन बढ़ती जा रही हैं. ये भू-माफिया सरकारी से लेकर रयैती जमीन पर अपना कब्जा जमाने के लिए अवैध प्रक्रिया अपना रहे हैं. इस गोरख धंधे में कई सरकारी बाबू की कार्यशैली पर भी उंगली उठने लगी है. कई अंचल के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिली भगत जारी है. जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत में किए गए सर्वे में 550 से अधिक सरकारी जलस्त्रोत पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है. पहले नदी-पहाड़, पोखर-पइन और गैरमजरूआ जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा था, लेकिन अब नया ट्रेंड चला है. कुछ अंचल में गलत जमाबंदी कर अवैध रयैत मालिक के नाम से जमीन की रसीद काट दी जाती है और बाद में भू-माफिया रयैत मालिकों से औने-पौने दाम में जमीन बेचने के दवाब डालते हैं. ऐसा नहीं करने पर न्यायालय में लंबी लड़ाई लड़ने की चुनौती देते हैं. इससे कई जमीन मालिकों को अपनी जमीन औने-पौने दाम में बेचनी पड़ती है. इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी.
जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी
भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है. जिला लोक शिकायत निवारण में 60 प्रतिशत और डीएम-सीएम के जनता दरबार में आने वाले करीब 30 प्रतिशत मामले जमीन से जुड़े होते हैं. इसी प्रकार गलत कागज बनाकर जमीन पर अवैध जमीन कब्जे के करीब नौ मामले सिर्फ बिहार थाना में जनवरी माह में दर्ज हुए हैं. इसी तरह जिले के कमोबेश सभी थानों में अवैध जमीन कब्जे के मामले पहुंच रहे हैं. राजगीर, सिलाव थाने में भी अवैध जमीन कब्जे के मामले जनवरी माह में दर्जन भर से अधिक दर्ज हुए हैं. चौकाने वाली बात यह है कि शहरी इलाकों में वेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा के ज्यादा मामले थाने में दर्ज हो रहे हैं.
केस-01: रजिष्टर-टू का पेज फाड़ने का एफआईआर तक नहीं
नालंदा जिले में भू-माफियाओं की सक्रियता बढ़ रही है, जो जमीन खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहे हैं. एक चौंकाने वाले मामले में, वर्ष 1971 में मृत व्यक्ति ने वर्ष 2020 में जमीन खरीदी है. यह मामला बेन अंचल कार्यालय से जुड़ा है, जहां रजिष्टर-टू का पेज फाड़ने के नौ साल बाद भी एफआईआर नहीं दर्ज की गई है. इस मामले में लोक शिकायत निवारण, डीसीआर, डीएम के आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है. अब तक अंचलाधिकारी इन आदेशों को मानने से इनकार कर रहे हैं. बेन थाना क्षेत्र के भगवान बिगहा निवासी कुमार हरे कृष्ण सिंह ने दो एकड़ 28.5 डिसमिल जमीन को लेकर जिला पदाधिकारी-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार में शिकायत दर्ज कराया था, जिसमें कहा गया है कि अरावां मौजा में उनका पैतृक जमीन है, जिसका रसीद वर्ष 2015 तक कटाते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2016 में जमीन का रसीद कटाने गये तब मालूम हुआ कि पंजी-टू से उनके जमाबंदी वाले पेज फाड़ दिये गये हैं. इसी बीच किसी अन्य व्यक्ति से उक्त जमाबंदी कायम कर जमीन का रसीद कटा दिया गया. इसपर 12 मार्च 2024 को दोनों पक्षों के कागजात देखने सुनने के बाद द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने अपर समाहर्ता के न्यायालय में दायर जमाबंदी रद्दीकरण करने का आदेश दिया गया. लेकिन अब तक इसपर अंचलाधिकारी पहल नहीं किये हैं. इस समस्या का निदान के लिए शिकायतकर्ता ने राजस्व मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक आवेदन किये हैं, जहां से दोबारा लोक शिकायत निवारण में मामला पहुंच रहा है.
क्या कहते हैं बेन सीओ
बेन सीओ सौरभ कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले ही पदभार लिये हैं. इसलिए रजिष्टर-टू का पेज फाड़ने और जिला पदाधिकारी-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार का आदेश से संबंधित जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है. इस संबंध में अंचल कार्यालय के कर्मचारियों से जानकारी लेंगे.
केस-02: खानदारी जमीन पर अवैध कब्जा
एक जनवरी 2025 को बिहार थाना क्षेत्र के हाजीपुर मोहल्ला निवासी मोहन महतो ने बिहार शरीफ सीओ के नाम एक आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने अपनी खानदारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की है. मोहन महतो का दावा है कि उनकी 56 डिसमील जमीन पर उनका वर्ष 1974 से अंचल रसीद कटावकर अब तक दखल कब्जा है, लेकिन एक अन्य व्यक्ति ने गलत ढंग से जमाबंदी कायम व अंचल रसीद कटा लिये हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. आवेदन में आगे कहा गया है कि 18 जनवरी 2025 की सुबह उनके जमीन पर कुछ लोग मिट्टी भराव करने लगे हैं. इसके बाद सदर अंचल कार्यालय से 03 जनवरी 2025 को जमीन पर खरीद बिक्री करने पर रोक लगाने के लिए जिला अवर निबंधन पदाधिकारी, बिहारशरीफ के नाम पत्र लिखा गया है, जिसमें बिहारशरीफ सीओ ने कहा है कि मौजा हाजीपुर मखदुमपुर, थाना 114 अंतर्गत 56 डिसमिल रकवा पर तथ्य को छिपाकर गलत तरीके से एक आवेदक द्वारा पुनर्गठन कराकर ऑनलाइन जमाबंदी करा लिया है. इसलिए वर्णित भूमि पर खरीद-बिक्री तत्काल रोक लगायी जाये. इसके जवाब जिला अवर निबंधन पदाधिकारी, बिहारशरीफ से 17 जनवरी 2025 को दिया गया कि संपत्ति हस्तानंतरण अधिनियम 1982 की धारा 52 की अधीन किसी न्यायालय के आदेश के बिना किसी संपत्ति का हस्तांतरण नहीं रोका जा सकता है.
क्या कहते हैं बिहारशरीफ सीओ
शहर के हाजीपुर मखदुमपुर मौजा निवासी मोहन महतो ने आवेदन देकर एक अन्य व्यक्ति के नाम से किये जमाबंदी रद्द कराने का अनुरोध किया था. जिसके आलोक में जिला अवर निबंधन पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है. जमाबंदी रद्द करने की शक्ति वरीय अधिकारी को हैं. -प्रभात रंजन, सीओ, बिहारशरीफ.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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