सिरकटी लाशें पुलिस के लिए बनीं पहेली

Updated at : 05 Jun 2017 12:36 AM (IST)
विज्ञापन
सिरकटी लाशें पुलिस के लिए बनीं पहेली

बिहारशरीफ : पिछले तीन माह में मिली दो महिलाओं सहित चार की लाशें अभी तक पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं. नूरसराय,रहुई व पावा पुलिस इन शवों की शिनाख्त करने में कामयाब नहीं हो सकी. हालांकि पुलिस ने पड़ोसी थानों की मदद ली है, लेकिन अभी तक इनका राजफाश नहीं हो सका है. अज्ञात […]

विज्ञापन

बिहारशरीफ : पिछले तीन माह में मिली दो महिलाओं सहित चार की लाशें अभी तक पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं. नूरसराय,रहुई व पावा पुलिस इन शवों की शिनाख्त करने में कामयाब नहीं हो सकी. हालांकि पुलिस ने पड़ोसी थानों की मदद ली है, लेकिन अभी तक इनका राजफाश नहीं हो सका है. अज्ञात सिरकटी लाशों का राज क्या है. हत्या की वारदातों को कहीं और अंजाम देकर क्यूं किसी और जगह ठिकाने लगा दिया जाता है.

यह ऐसे प्रश्न हैं,जिनका उत्तर बखूबी पुलिस समझती है. बावजूद इसके ऐसे अपराध की रोकथाम के प्रति पुलिस की सजगता पर्याप्त नहीं है. रहुई थाना क्षेत्र के सइदी मोड़ के इंदवास गांव के सुनसान स्थान में सिरकटी अज्ञात युवती की लाश रविवार की सुबह मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गयी.वहीं पुलिस युवती का सिर खोजने के लिए खेत-खलिहानों में घंटों से पसीना बहा रही है.धड़ तो पुलिस ने बरामद कर लिया है,लेकिन सिर कहां गया.

इसी तहर कुछ माह पूर्व नूरसराय थाना क्षेत्र में अज्ञात युवती की सिरकटी लाश मिली थी. उसकी आज तक पहचान नहीं हो पायी. रहुई व नूरसराय थाना क्षेत्र से हाल के दिनों में मिले तीन शवों की पहचान अबतक नहीं हो पायी है. अज्ञात लाश मिलने की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय अवश्य हो जाती है, छानबीन की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू हो जाती है और लाश की तसवीर भी प्रावधान के अनुसार करायी जाती है,लेकिन बावजूद इसके लाश की शिनाखत नहीं हो पाती है.पुलिस अज्ञात लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज इतिश्री मान लेती है. पुलिस आनन-फानन में घटनास्थल पर जाकर शव को अपने कब्जे में लेकर प्रावधान के अनुसार 72 घंटे सुरक्षित रखने के बाद दफना देती है.

क्राइम एक्सपर्ट की राय
नेचर ऑफ क्राइम बताता है कि घटना को अंजाम देने वाले सारे अपराधी युवती के पहचान वाले थे.अपराध के खुलासे के भय से अपराधियों द्वारा वीभत्स तरीके से युवती की हत्या की गयी.अपराध के ऐसे मामले अवैध संबंध की ओर भी इशारा करते हैं.घटना को अंजाम देने में तीन से अधिक अपराधियों के होने की संभावना रहती है. ऐसे मामलों में बॉडी की पहचान होने का भय भी अपराधियों को डराता रहता है. इसलिए अपराधी पहचान पर परदा डालने के उद्देश्य से पूरे शव को क्षत-विक्षत करने से गुजेर नहीं करते.अब इस पूरे मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आ जाता है.
रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि युवती की हत्या के सही कारण क्या थे.क्या हत्या के पूर्व युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को भी अंजाम दिया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन