सर! महिलाओं से होती है मारपीट

Updated at : 12 May 2016 6:55 AM (IST)
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सर! महिलाओं से होती है मारपीट

बच्चों व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट व छिनतई की जाती है गांव के तीनों मुहाने पर लोग छिपकर बैठे रहते हैं और गांव में आने-जाने वालों से की जाती है मारपीट बिहारशरीफ : मानपुर थाना क्षेत्र के पलटपुरा गांव के कई पुरूष व महिलाएं बुधवार को एसपी आवास पर पहुंचकर आरक्षी […]

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बच्चों व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट व छिनतई की जाती है

गांव के तीनों मुहाने पर लोग छिपकर बैठे रहते हैं और गांव में आने-जाने वालों से की जाती है मारपीट
बिहारशरीफ : मानपुर थाना क्षेत्र के पलटपुरा गांव के कई पुरूष व महिलाएं बुधवार को एसपी आवास पर पहुंचकर आरक्षी अधीक्षक से न्याय की गुहार लगायी है.
ग्रामीणों का कहना हे कि पलटपुरा गांव स्थित देवी स्थान के समीप स्थित टेंपो स्टैंड में गिरेश यादव, खोसी यादव, टुनटुन यादव, लल्लू यादव, गंधारी यादव, संतोष यादव आदि द्वारा पिस्तौल, लोहे के रॉड, लाठी डंडा एवं हरबे हथियार से लैस होकर 10 मई को गांव के ही कु छ लोगों से मारपीट की.
बच्चों व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया एवं सुमा देवी के गले का सोने का चेन छीन लिया. गांव में आने-जाने वाले एक जाति विशेष के लोगों को तंग किया जा रहा है. यही नहीं इन लोगों द्वारा गांव के तीनों मुहाने पर छिपकर बैठ जाते हैं. और आने-जाने वाले लोगों के साथ भी मारपीट की जाती है. ग्रामीणों ने कहा है कि 10 मई की घटना में सुमा देवी,भूषण महतो, कारू महतो, विकास आदि जख्मी हो गये हैं.
घटना के बाद मानपुर के थाना प्रभारी सदर अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों सुमा देवी व अन्य से पूछताछ कर वापस चले गये, मगर आजतक गांव में पुलिस नहीं पहुंची है. अभी तक प्राथमिकी दर्ज हुई या नहीं, यह भी मालूम नहीं है. ग्रामीणों ने एसपी से जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल उचित कार्रवायी करने की मांग की है, जिससे वे लोग सम्मानपूर्वक जीवन बसर कर सकें.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सदर अस्पताल में इलाज करा रही लोगों को भाग जाने को कहा जा रहा है. नेत्री चंद्रकांता सिंहा के नेतृत्व में ग्रामीण एसपी के आवास पर गुहार लगाने पहुंचे थे. इसमें पलटपुरा की अनीता देवी, इंदू देवी, सुषमा कुमारी, डेजी कुमारी, रिंकु देवी, संजु देवी, बच्ची देवी, रंजू देवी, अर्जुन महतो, विकास कुमार, मुन्ना कुमार आदि शामिल थे.
सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी
इंडोर में 81 तथा ओपीडी में 31 प्रकार की दवाएं उपलब्ध
मरीजों को जाना पड़ता है बाहर, बेन के सरकारी अस्पताल को डॉक्टरों की है जरूरत
बेन : खासकर बेन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी वर्षों से कायम है. डॉक्टर के अभाव में रोगियों को बेहतर इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है. इस कारण रोगी के परिजन को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अस्पताल सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियमित डॉक्टर के एक पद स्वीकृत हैं जो पदस्थापित हैं. अनुबंध चिकित्सक के स्वीकृत 2 पद हैं. जबकि आयुष के स्वीकृत 2 पद पर पदस्थापित हैं.
अस्पताल की हालत और खराब है. बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र की 94 हजार की आबादी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक, अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र 4, तथा उपस्वास्थ्य केंद्र 16 हैं. अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुर्वेद व आयुष चिकित्सक की तैनाती की गयी है, जबकि उपस्वास्थ्य केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं का संचालन एएनएम के सहारे कराया जाता है. दूसरी ओर अस्पताल में दवा की काफी कमी है. वर्तमान समय में इंडोर में 81 तथा ओपीडी में 31 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं.
क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी:
चिकित्सकों की घोर कमी है. रिक्त पदों को भरने के लिए सीएस को लिखा गया है तथा जो व्यवस्था है उसी से काम लिया जा रहा है.
– डॉ. सतीश कुमार सिंहा, प्रभारी पीएचसी, बेन
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