बुडको की 12 बसों ने कार्यालय में डाली जान, छायी खुशी

Updated at : 26 Apr 2016 4:08 AM (IST)
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बुडको की 12 बसों ने कार्यालय में डाली जान, छायी खुशी

पहल. बीएसआरटीसी की बिहारशरीफ-पटना सेवा हर 20 मिनट पर, स्थानीय कार्यालय परिसर में लौटी रौनक कभी जिले के सभी रूटों पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें चला करती थी. बीच में एक वक्त ऐसा भी आया जब निगम बसों के लिए तरसने लगा था. बीएसआरटीसी के स्थानीय कार्यालय से केवल कुछ ही बस […]

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पहल. बीएसआरटीसी की बिहारशरीफ-पटना सेवा हर 20 मिनट पर, स्थानीय कार्यालय परिसर में लौटी रौनक

कभी जिले के सभी रूटों पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें चला करती थी. बीच में एक वक्त ऐसा भी आया जब निगम बसों के लिए तरसने लगा था. बीएसआरटीसी के स्थानीय कार्यालय से केवल कुछ ही बस संचालित होती थी.
बाद में निगम के नियंत्रणाधीन बसें चलायी गयी, मगर फिर भी निगम की पुरानी रौनक गायब दिखी. अब बुडको के सहयोग से एक बार फिर से इस सेवा को विस्तार दिया जा रहा हे. इससे बीएसआरटीसी के स्थानीय कार्यालय परिसर में एक बार फिर से रौनक लौटने लगी है.
सुबह से शाम तक जारी इस सेवा से राजधानी जाने वाले यात्रियों को हो रही सुविधा
गाड़ियों के लिए तरस रहे बीएसआरटीसी से नित्य दिन खुल रही 25 बसें
बिहारशरीफ : बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा बुडको से संचालित बसों
के माध्यम से प्रथम चरण में बिहारशरीफ-पटना सेवा को दुरुस्त किया गया है. बीएसआरटीसी द्वारा बिहारशरीफ से राजधानी पटना के लिए हर बीस मिनट पर बस सेवा संचालित की जा रही है. स्थानीय रांची रोड स्थित बीएसआरटीसी के कार्यालय परिसर से खुलने वाली ये बसें पटना के गांधी मैदान तक जाती है.
इसके अलावा मुंगेर, जमुई व नवादा के लिए भी बीएसआरटीसी के मुख्य पड़ाव से संचालित हो रही है. बिहारशरीफ से पटना के लिए बस सेवा सुबह छह बज कर 20 मिनट से शाम के छह बज कर 30 मिनट तक संचालित हो रही है. बिहारशरीफ से राजधानी पटना जाने वाले यात्रियों को इस सेवा का भरपूर लाभ मिल रहा है. बुडको द्वारा बीएसआरटीसी को बस उपलब्ध कराने से स्थानीय मुख्य बस पड़ाव में रौनक एक बार फिर से लौटने लगी है.
एक बार फिर से लक्ष्य प्राप्त करने में निगम सफल :
बुडको द्वारा बस उपलब्ध कराये जाने से बीएसआरटीसी के स्थानीय बस पड़ढ़व की आमदनी में काफी वृद्धि हुई है. निगम द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिल रही हे. इससे बीएसआरटीसी के स्थानीय कार्यालय के कर्मियों में उत्साह देखा जा रहा है और वे उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश में जुटे हुए हैं.
बस डीपो की बिल्डिंग जोखिम भरा घोषित :
बस डीपो के स्थानीय बिल्डिंग को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम व जिला प्रशासन द्वारा जोखिम भरा घोषित कर दिया गया है. इसके कारण इस बिल्डिंग में न तो कोई रहता है और ना ही किसी प्रकार का काम होता है. बिल्डिंग पूरी तरह भूत बंगला बन गया है. बिल्डिंग की दीवारें व छत फट गयी है और पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच गयी है.
बस डीपो में कार्यरत है सात कर्मी :
राजकीय बस डीपो के स्थानीय कार्यालय में फिलहाल सात स्टाफ कार्यरत हैं. कर्मियों में एक डीपो सुपरिटेंडेंट, एक कैशियर, एक कंट्रोलर, एक बड़ा बाबू, एक फॉरमैन एवं बुकिंग एजेंट व एक सहायक शामिल है.
वर्कशॉप में प्राइवेट मिस्त्री गाडि़यों को करते हैं ठीक :
सरकारी बस डीपो में क्षतिग्रस्त गाडि़यों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप की भी व्यवस्था है. मगर निगम की दयनीय स्थिति हो जाने पर यह वर्कशॉप भी पूरी तरह दयनीय स्थिति में पहुंच गयी है. अब स्थिति यह है कि बस डीपो के इस वर्कशॉप में वाहनों की गड़बड़ी दूर करने के लिए प्राइवेट मिस्त्री का सहारा लेना पड़ता है.
डीपो में बुनियादी सुविधाएं नहीं :
सरकारी बस डीपो की रौनक अब लौटने तो लगी है, मगर यहां आने वाले यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं है. यहां आने वाले यात्रियों को कड़ी धूप में बस का इंतजार करना पड़ता है. यात्री शेड का नहीं होना यात्रियों के बस का इंतजार करना पड़ता है. यात्री शेड का नहीं होना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इसके अलावा बस डिपो परिसर में पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है. आने-जाने वाले यात्रियों को पीने के पानी के लिए छटपटाना पड़ता है.
शौचालय व मूत्रालय की भी व्यवस्था नही है. इसके कारण यात्री डिपो की पुरानी बिल्डिंग के किनारे पेशाब आदि कर देते हैं. यहां तक कि डिपो परिसर में रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है. इन कमियों की वजह से यहां से जाने व आने वाले यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है.
अज्ञात जला हुआ कार बना चर्चा का विषय:कतरीसराय. थाना क्षेत्र के कतरीडीह गांव के पश्चिम बलवा पर खंधा में एक अज्ञात ऑल्टो 800 कार बुरी तरह जला हुआ खड़ा रहने के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. उक्त गाड़ी के बारे में किसी को भी किसी प्रकार की जानकारी नहीं है. कतरीडीह के ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को जब खंधे की ओर गया तब देखा कि एक गाड़ी जला हुआ खड़ा है. इस संबंध में थानाध्यक्षा पिंकी प्रसाद ने बताया कि गाड़ी बंगाल के नंबर डब्ल्यू बी02एम1138 है. अभी तक इस संबंध में कोई भी पता नहीं चला सका है. फिलहाल थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है.
बस डीपो में अब बसों की संख्या
बुडको द्वारा संचालित बसें – 12
नवादा-पटना की बसें – 07
निगम के नियंत्रणाधीन बसें – 06
बसों की समय सारिणी
बिहारशरीफ – पटना : सुबह 06:20 से शाम के 06:30 बजे तक
मुंगेर के लिए – 12:15 बजे
जमुई के लिए – दो बसें सुबह 5:44 एवं 6:15 बजे
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