कैसे बुझेगी प्यास, कम हो रही पानी की आपूर्ति

Updated at : 26 Apr 2016 4:06 AM (IST)
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कैसे बुझेगी प्यास, कम हो रही पानी की आपूर्ति

जलसंकट गहराया. बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 30 लाख गैलन पानी की कमी 2.96 लाख आबादी को चाहिए 95 लाख गैलन प्रतिदिन पानी वर्तमान समय में 63 लाख गैलन पानी की ही हो रही आपूर्ति बिहारशरीफ : शहर की तेजी से बढ़ रही आबादी की प्यास बुझाने में नगर निगम व पीएचइडी असमर्थ है. बिहारशरीफ […]

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जलसंकट गहराया. बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 30 लाख गैलन पानी की कमी

2.96 लाख आबादी को चाहिए 95 लाख गैलन प्रतिदिन पानी
वर्तमान समय में 63 लाख गैलन पानी की ही हो रही आपूर्ति
बिहारशरीफ : शहर की तेजी से बढ़ रही आबादी की प्यास बुझाने में नगर निगम व पीएचइडी असमर्थ है. बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र की आबादी वर्तमान समय में 2.96 लाख है. शहरी मापदंड के अनुसार एक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 145 लीटर पानी की जरूरत है. इस हिसाब से 2.96 लाख की आबादी के अनुसार प्रतिदिन 95 लाख गैलन पानी की जरूरत है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसके विरूद्ध शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रतिदिन 63 लाख गैलन पानी की ही सप्लाई की जा रही है. तय मापदंड के अनुसार शहरी क्षेत्र के लोगों को प्रतिदिन 30 लाख गैलन पानी की कम आपूर्ति हो रही है. एक तो भीषण उमस भरी गरमी में पानी का डिमांड जयादा हो गया है, उपर से पानी की कम आपूर्ति होने से शहरवासियों के हलक सूखते जा रहे हैं. अप्रैल माह अभी बीत रहा है और पारा लगातार 40 डिग्री के उपर चल रहा है.
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो गरमी से राहत मिलने के फिलहाल उपाय नजर नहीं आ रहे हैं. सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. तेज पछुआ हवा ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है गरमी व उमस के बीच लोगों को दिन व रात काटना मुश्किल होता जा रहा है गरमी से बचने के लिए बंद कमरे में रहना भी दूभर होता जा रहा है. गरमी को देखते हुए सरकारी व निजी विद्यालयों को सुबह के 11:30 तक ही चलाने का आदेश जिला प्रशासन द्वारा दिया जा चुका है. दिन व रात के तापमान में लगातार वृद्धि होती जा रही है. ऐसे कम पानी की सप्लाइ शहरवासियों के चिंता की बात बन गयी है.
कमी को दूर करने का प्रयास
शहरी क्षेत्र में 30 लाख गैलन पानी की कम आपूर्ति को पूरा करने के लिए बिहार राजय जल पष्रद से योजनाएं ली गयी हैं. इस योजना के तहत शहर के आठ स्थानों पर जलापूर्ति केंद्र जलमीनार के साथ लगाये जा रहे हैं. इन जलापूर्ति केंद्र को स्थापित करने में वैसे मोहल्लों को प्राथमिकता दी गयी है, जहां पानी की किल्लत है. ज
ल पर्षद की इन आठ योजनाओं के पूरा हो जाने के बाद 30 लाख गैलन पानी की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी.
क्या कहते हैं मेयर
शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है. इस बढ़ती आबादी की प्यास बुझाने के लिए नगर निगम युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है. वर्तमान समय में शहर की आबादी 30 लाख के करीब है. आबादी के हिसाब से फिलहाल पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. कमी को पूरा करने के हिसाब से फिलहाल पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. कमी को पूरा करने के लिए बिहार राजय जल पर्षद की योजना से शहर के आठ वार्डों में पेयजलापूर्ति की योजनाओं पर काम चल रहा है.
इसके अलावा निगम क्षेत्र के 16 अन्य वार्डों के लिए जलापूर्ति की योजनाएं स्वीकृत की गयी है. इस योजना पर 74 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे. इसमें दो से तीन दिनों के अंदर टेंडर निकल जाने की उम्मीद है. इसके अलावा बंद पड़े जलापूर्ति केंद्रों को ठीक करने का कार्य भी किया जा रहा है. जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, वहां टैंकर के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. फिलहाल नगर निगम के पास 10 टैंकर हैं और अधिक टैंकर की व्यवस्था की जा रही है”
-सुधीर कुमार, मेयर, बिहारशरीफ
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