सूख गये ताल-तलैये

Updated at : 22 Sep 2015 2:43 AM (IST)
विज्ञापन
सूख गये ताल-तलैये

बिहारशरीफ़ : नालंदा मुख्य रूप से खेती-बाड़ी के लिए जाना जाता है. यहां के किसान खरीफ व रबी फसलों पर मुख्य रूप से आश्रित है़ बाढ़ की स्थिति में रबी फसल अच्छी होती है. जबकि सुखाड़ की स्थिति में खरीफ के साथ ही रबी फसल भी चौपट हो जाती है. यही स्थिति इन दिनों नालंदा […]

विज्ञापन

बिहारशरीफ़ : नालंदा मुख्य रूप से खेती-बाड़ी के लिए जाना जाता है. यहां के किसान खरीफ व रबी फसलों पर मुख्य रूप से आश्रित है़ बाढ़ की स्थिति में रबी फसल अच्छी होती है.

जबकि सुखाड़ की स्थिति में खरीफ के साथ ही रबी फसल भी चौपट हो जाती है. यही स्थिति इन दिनों नालंदा के किसानों की है. जैसे-तैसे जिले में 1.28 लाख हेक्टेयर में धान की खेती के लक्ष्य का 98 फीसदी धान की रोपनी हुई है.

मगर बारिश के अभाव में किसानों के दिल की धड़कन तेज है. झमाझम बारिश हुए करीब एक माह बीतने को है. तब से लेकर अब तक जिले के किसानों को झमाझम बारिश का इंतजार है.

ताल-तलैया, पइन व खेतों में पड़ी दरारें:बारिश के अभाव में जिले के आहर, पोखर, पइन सब सूख गये हैं.इसके कारण किसानों को धान की फसल की सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है. आहर, पइन, पोखर से अब तक किसान धान की फसल की सिंचाई करते आ रहे थे. इन में पानी सूख जाने के बाद खेतों की सिंचाई के लिए किसान पूरी तरह बारिश पर आश्रित हो गये हैं. पानी के अभाव में फसल सूखने के कगार पर है.

डीजल सब्सिडी का कोरम हो चुका है पूरा:बारिश के अभाव में किसानों को डीजल सब्सिडी थोड़ी राहत पहुंचा रही थी. मगर बारिश के अभाव में हर दो-तीन दिन पर धान की फसल की सिंचाई करने में डीजल सब्सिडी का कोरम भी पूरा हो चुका है. धान की फसल की तीन सिंचाई के लिए ही डीजल सब्सिडी देने का प्रावधान था. अब किसानों के समक्ष विकट स्थिति पैदा हो गयी है.

पूंजी डूबने की आशंका से किसान परेशान:जिले के किसानों ने अपनी जमा पूंजी खर्च कर धान की फसल को अब तक लहलहाये रखे हैं. मगर अब किसानों की हिम्मत दगा देने लगी है.

किसानों को अपनी जमा पूंजी डूबने की आशंका से हाथ पैर फुल रहे हैं. बारिश की दगाबाजी से किसानों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि वे अपनी जमा पूंजी को बचाने के लिए करें तो क्या करें.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन