मात्र चार शिक्षकों के भरोसे इंटरमीडिएट की पढ़ाई

Updated at : 14 Apr 2015 7:50 AM (IST)
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मात्र चार शिक्षकों के भरोसे इंटरमीडिएट की पढ़ाई

विद्यार्थी दरी पर बैठ कर पढ़ने को हैं मजबूर लिपिकीय कार्य संभाल रहे शिक्षक बिहारशरीफ : बिंद प्रखंड के इकलौते इंटरमीडिएट विद्यालय राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय बिंद में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है. विद्यालय के विज्ञान सांकय में मात्र एक शिक्षक जीव विज्ञान के ही रहने के […]

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विद्यार्थी दरी पर बैठ कर पढ़ने को हैं मजबूर
लिपिकीय कार्य संभाल रहे शिक्षक
बिहारशरीफ : बिंद प्रखंड के इकलौते इंटरमीडिएट विद्यालय राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय बिंद में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है. विद्यालय के विज्ञान सांकय में मात्र एक शिक्षक जीव विज्ञान के ही रहने के कारण अन्य विषयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है.
इसी प्रकार कला संकाय भी मात्र इतिहास और राजनीति शास्त्र के शिक्षकों के भरोसे ही चल रहा है. भाष विषय में भी हिंदी के एकमात्र शिक्षक मौजूद है. +2 विद्यालय बिंद के विज्ञान संकाय में कुल 120 जबकि कला संकाय में 95 छात्र-छात्राएं नामांकित है. विद्यालय के विद्यार्थियों का कहना हे कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण इस विद्यालय की अहमियत काफी अधिक है.
लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण यह विद्यालय उपेक्षित है. विद्यालय की छात्र कंचन कुमारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां ट्यूशन-कोचिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है. इससे छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है. क्योंकि घर से दूर रह कर पढ़ाई करना अभिभावक कई कारणों से पसंद नहीं करते हैं. इसके कारण क्षेत्र के अधिकांश छात्राओं की पढ़ाई मैट्रिक के बाद ही समाप्त हो जाती है.
अब तक नहीं मिली उपस्कर की राशि
+2 उच्च विद्यालय बिंद में 6 कमरों का इंटरमीडिएट भवन अवश्य बना हुआ है. लेकिन, उपस्कर की राशि विद्यालय को अब तक नहीं मिली है. इसके कारण इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को दरी पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ रही है. विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बताया कि प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों की तरह जमीन पर बैठ कर पढ़ाई करने में उन्हें परेशानी होती है, लेकिन व्यवस्था नहीं रहने के कारण वे लोग दरी पर बैठने को मजबूर है.
विषयवार शिक्षकों की है भारी कमी
माध्यमिक विद्यालय में एक तो पहले से ही विषयवार शिक्षकों की कमी है. ऊपर से यहां एक भी लिपिक नहीं रहने के कारण विद्यालय का सारा लेखा-जोखा भी शिक्षकों को ही रखना पड़ रहा है. इससे विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है. वर्तमान में यहां शिक्षकों के स्वीकृत कुल 14 पदों के विरुद्ध मात्र 9 शिक्षक नियुक्त है. यहां अंग्रेजी, समाज अध्ययन के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा की नियुक्ति नहीं रहने के कारण विद्यालय में नामांकित लगभग 900 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है.
विद्यालय में चहारदीवारी का है अभाव
विद्यालय में बड़ा खेल का मैदान रहने के बावजूद चहारदीवारी के अभाव में जहां विद्यार्थियों के खेलने के लिए यह सुरक्षित नही है, वहीं शारीरिक शिक्षक के अभाव में भी विद्यार्थी खेल सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं. चहारदीवारी के अभाव में विद्यालय के संसाधन भी सुरक्षित नहीं है.
विद्यालय में मौजूद सुविधाएं
भवन – इंटरमीडिएट में 6 कमरे, माध्यमिक में 8 कमरे,बिजली – है,पेयजल – चार चापाकल,शौचालय – दो,उपस्कर – इंटरमीडिएट में नहीं, माध्यमिक में अपर्याप्त,प्रयोगशाला – है,पुस्तकालय – है,खेल का मैदान – है,
चहारदीवारी – नहीं है,शिक्षक – इंटरमीडिएट में 4, माध्यमिक मे 9
विद्यार्थी – इंटरमीडिएट में 902
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