रुपये लेकर रजिस्ट्री करने से मुकरने पर दामाद ने की थी ससुर की हत्या
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Jan 2020 7:13 AM (IST)
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बिहारशरीफ : रुपये के लालच में दामाद धर्मवीर चौधरी ने पहले ससुर मधुसूदन चौधरी की हत्या का तानाबाना बुना, फिर चार सहयोगियों के साथ ससुर की गला रेतकर हत्या कर दी. फिर बाद में शव को ठिकाने लगा दिया. लेकिन, जांच पड़ताल व अनुसंधान में जुटी पुलिस टीम ने अब इस पूरे मामले का खुलासा […]
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बिहारशरीफ : रुपये के लालच में दामाद धर्मवीर चौधरी ने पहले ससुर मधुसूदन चौधरी की हत्या का तानाबाना बुना, फिर चार सहयोगियों के साथ ससुर की गला रेतकर हत्या कर दी. फिर बाद में शव को ठिकाने लगा दिया.
लेकिन, जांच पड़ताल व अनुसंधान में जुटी पुलिस टीम ने अब इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है. जानकार हैरानी होगी कि ससुर के हत्या में उनके अपने ही दामाद के हाथ भी खून से रंगे थे. दरअसल, इस पूरे मामले का भांडा तब फूटा, जब बिहार थाना पुलिस ने फरार चल रहे दामाद धर्मवीर चौधरी को गुरुवार को क्षेत्र के महलपर से धर दबोचा. फिर पुलिसिया पूछताछ में धर्मवीर ने अपने सभी गुनाहों को स्वीकार कर लिया.
रुपये ले रजिस्ट्री से आनाकानी पर की मधुसूदन की हत्या : दूसरे ताड़ी दुकानदार सचिन की नजर पहले ही मधुसूदन की खरीदी दो डिसमिल जमीन पर थी.
फिर सचिन ने मधुसूदन के दामाद धर्मवीर को रुपये का लालच दे अपने साथ मिला लिया था. फिर दामाद भी ससुर मधुसूदन पर जमीन बेचने का दबाव बनाने लगा. अंत में कुल तीन लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ. सचिन ने तयशुदा रकम मधुसूदन को थमा दिया. लेकिन रुपये लेकर भी मधुसूदन जमीन रजिस्ट्री से आनाकानी करने लगा. इससे दोनों में जमकर विवाद हुआ.
तब सचिन के साथ मधुसूदन का दामाद धर्मवीर, थवई मोहल्ला निवासी मो मिस्टर, सोनू मिस्त्री व अकबर भी मौजूद था. नोकझोंक से बढ़ी यह बात इस कदर बढ़ गयी कि सभी ने मिलकर मधुसूदन की गला रेतकर हत्या के बाद शव को बाबा मणिराम अखाड़ा के पास जलकुंभी में फेंक दिया.
मधुसूदन ने ताड़ी की कमाई से खरीदी थी जमीन
मधुसूदन चौधरी ताड़ी दुकानदार था. अरसे से बिहार थाने के बाबा मणिराम अखाड़ा के पास ताड़ी बेचता था. वह स्थानीय कागजी मोहल्ला में बेटी की ससुराल में रहता था. लेकिन उसका पैतृक घर पटना जिले के बख्तियारपुर थाने के घाघडीह था. लंबे समय से ताड़ी बेचने में कमाई एकत्रित होकर बड़ी रकम बनी.
फिर इस रकम से मधूसूदन ने दीपनगर थाने के सोराबीपर दो डिसमिल जमीन पत्नी मालो देवी के नाम पर खरीदी. लेकिन इसी जमीन को दूसरा ताड़ी दुकानदार सचिन खरीदना चाहता था. सचिन से मधुसूदन सस्ते रेट पर अच्छी ताड़ी ग्राहकों को परोस रहा था. ऐसे में सचिन के कुछ ग्राहक मधुसूदन के यहां चले गये थे. इससे सचिन मधुसूदन से खार खाये रहता था.
पांच नामजद में से चार गिरफ्तार, एक फरार
बिहार थानाध्यक्ष दीपक ने बताया कि मधुसूदन हत्याकांड में कुल पांच को नामजद किया गया था. इसमें से एक आरोपित मो मिस्टर को सबसे पहले कोलकाता से दबोचा गया. फिर मिस्टर ने 15 फरवरी की प्लानिंग की पूरी डिटेल बताया. एक- एक कर हत्या में संलिप्त रहे आरोपितों के नाम बता दिये.
रंजिश की वजह पता चलने पर फिर सचिन को पकड़ा गया. सचिन की ही निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी, खून से सने बोरे एवं गमछे को भी बरामद किया. इसके बाद सोनू और फिर इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड रहे मधुसूदन के दामाद धर्मवीर चौधरी भी पकड़ा गया. पांच में से चार आरोपित जेल के अंदर जबकि एक आरोपित गिरफ्त से बाहर है.
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